आई अब की साल दिवाली – Aayi Ab Ki Saal Diwali – Lata Mangeshkar
फिल्म हकीकत (1964) का प्रसिद्ध सैड सॉन्ग “Aayi Ab Ki Saal Diwali” एक बहुत ही भावुक गीत है। यह गीत भारत-चीन युद्ध की पृष्ठभूमि पर आधारित है और सैनिकों की वीरता और बलिदान को दर्शाता है। इसके बोल कैफी आज़मी द्वारा लिखे गए हैं और संगीत मदन मोहन द्वारा दिया गया है। यह गीत लता मंगेशकर ने गाया है।
यह गीत युद्ध के दर्द और उसकी विनाशकारी परिणामों को गहराई से प्रस्तुत करता है और इसे सुनकर किसी भी व्यक्ति की आंखें नम हो जाती हैं।

आई अब की साल दिवाली – Aayi Ab Ki Saal Diwali ,Song Details…
- Movie/Album: हकीकत
- Year : 1964
- Music By: मदन मोहन
- Lyrics : कैफी आज़मी
- Singer : लता मंगेशकर
आई अब की साल दिवाली – Aayi Ab Ki Saal Diwali Lyrics in Hindi
आई अब की साल दिवाली
मुंह पर अपने खून मले
चारों तरफ है घोर अंधेरा
घर में कैसे दीप जले
आई अब की साल दिवाली…
बालक तरसे फुलझड़ियों को, दीपों को दीवारें
माँ की गोदी सूनी सूनी, आँगन कैसे संवारे
राह में उनकी जाओ उजालों
बन में जिनकी शाम ढले
आई अब की साल दिवाली…
जिनके दम से जगमग जगमग करती थी ये रातें
चोरी चोरी हो जाती थी मन से मन की बातें
छोड़ चले वो घर में अमावस
ज्योति लेकर साथ चले
आई अब की साल दिवाली…
टप-टप टप-टप टपके आंसू, छलकी खाली थाली
जाने क्या क्या समझाती है आँखों की ये लाली
शोर मचा है आग लगी है
कटते हैं पर्वत पे गले
आई अब की साल दिवाली…
