मल दे गुलाल मोहे – Mal De Gulaal Mohe – Lata Mangeshkar, Kishore Kumar
गायकों की जोड़ी: लता मंगेशकर और किशोर कुमार
‘मल दे गुलाल मोहे’ होली गीत में लता मंगेशकर और किशोर कुमार की आवाज़ों का अनोखा मेल सुनने को मिलता है। लता जी की मिठास भरी आवाज़ और किशोर कुमार की ऊर्जावान गायकी ने इस गीत को एक संगीतमय उत्सव का रूप दे दिया है। दोनों गायकों की आवाज़ों में जो समन्वय है, वह इस गीत को होली के उल्लास और मस्ती से भरपूर बना देता है। लता मंगेशकर की स्वर लहरियों में जहाँ एक ओर नारी की कोमलता है, वहीं किशोर कुमार की गायकी में मर्दाना जोश और आनंद का संगम है, जो होली के माहौल को जीवंत करता है।
संगीत: राजेश रोशन का धुनों का अनमोल संगम
राजेश रोशन द्वारा संगीतबद्ध किया गया मल दे गुलाल मोहे गीत रंगों और मस्ती से भरे होली के माहौल को संगीत में ढालता है। उनका संगीत सरल और आकर्षक है, जो तुरंत मन को मोह लेता है। गीत में ताल और धुनों का ऐसा खूबसूरत मिश्रण है जो श्रोताओं को होली के त्योहार की उमंग और खुशी से सराबोर कर देता है। ढोलक, तबला, और हारमोनियम का अद्भुत संयोजन इस गीत को और भी अधिक रंगीन बना देता है। राजेश रोशन ने इस गीत को एक धुनात्मक आनंद में बदला है, जो हर किसी को थिरकने पर मजबूर कर देता है।
बोल: इन्दीवर की सरल और रंगीन लेखनी
इन्दीवर ने मल दे गुलाल मोहे इस होली गीत के बोलों में सरलता और मस्ती को इतने सहज तरीके से उकेरा है कि यह गीत हर किसी के दिल को छू जाता है। उनके शब्दों में होली की खुशियां, रंगों की छटा और उत्सव का आनंद जीवंत हो उठता है। ‘मल दे गुलाल मोहे’ के बोलों में जो भाव है, वह न केवल गीत को संगीतमय बनाता है बल्कि यह होली की परंपरा और भारतीय संस्कृति को भी दर्शाता है। इन्दीवर ने शब्दों के माध्यम से होली के रंगों और मस्ती को पूरी तरह से जीवंत कर दिया है।
निष्कर्ष: होली का रंगीन उत्सव
‘मल दे गुलाल मोहे’ एक ऐसा होली गीत है जो रंगों, मस्ती, और उल्लास से भरा हुआ है। लता मंगेशकर और किशोर कुमार की गायकी, राजेश रोशन का संगीत, और इन्दीवर के जीवंत बोल इस गीत को होली के सबसे प्रिय गीतों में से एक बनाते हैं। यह गीत न केवल होली के त्योहार की धूमधाम को दर्शाता है बल्कि भारतीय संगीत की धरोहर को भी उजागर करता है।

मल दे गुलाल मोहे – Mal De Gulaal Mohe Song Details…
- Movie/Album: कामचोर
- Year : 1982
- Music By: राजेश रोशन
- Lyrics By: इन्दीवर
- Performed By: लता मंगेशकर, किशोर कुमार
मल दे गुलाल मोहे – Mal De Gulaal Mohe (Lata, Kishore, Kaamchor)
मल दे गुलाल मोहे
आई होली आई रे
चुनरी पे रंग सोहे
आई होली आई रे
सात रंग, सात सुर, आज मिले साथ रे
बजने लगी बाँसुरी, जमने लगी बात रे
भीगी-भीगी पवन सारी
के आई होली आई रे
मल दे गुलाल मोहे…
आज कोई उनको भी भेज दे संदेश रे
राह तके दुल्हनिया जाने को परदेस रे
आई-आई रे याद आई
के आई होली आई रे
चुनरी पे रंग सोहे…
प्यार से गले मिलो भेद-भाव छोड़ दो
लोक-लाज की दीवार आज सनम तोड़ दो
रहे दामन न कोई खाली
के आई होली आई रे
मल दे गुलाल मोहे…
