नीला पीला हरा गुलाबी – Neela Peela Hara Gulaabi – LataMangeshkar, MannaDey, Mahendra Kapoor
गीत का परिचय
‘नीला पीला हरा गुलाबी’ गीत एक ऐसा संगीतमय उत्सव है जो रंगों की मिठास और मस्ती को दर्शाता है। यह गीत किसी विशेष त्यौहार का प्रतीक नहीं है, बल्कि जीवन के हर रंग और उत्सव का जश्न मनाता है। गाने में रंगों की बात करते हुए जीवन की विविधता और खुशियों को बहुत ही खूबसूरत अंदाज़ में दर्शाया गया है।
गीत के बोल: जीवन के रंगों की महक
आनंद बक्षी ने इस गीत के बोलों में जीवन की विविधता और खुशियों को रंगों के माध्यम से व्यक्त किया है। उनके शब्दों में वह सरलता और उत्साह है, जो हर श्रोता को जीवन के हर रंग को अपनाने का संदेश देता है।
गायकों की तिकड़ी: सुरों का संगम
लता मंगेशकर, महेंद्र कपूर, और मन्ना डे भारतीय सिनेमा के दिग्गज गायकों में से हैं, और इनकी अद्वितीय गायकी ने इस गीत को अमर बना दिया है। इन तीनों महान गायकों की आवाज़ों का संगम इस गीत में ऐसा मेल बनाता है जो श्रोताओं के दिलों में गहरी छाप छोड़ जाता है।
लता मंगेशकर की गायकी:
- मधुरता और कोमलता: लता मंगेशकर की सुरीली आवाज़ ने इस गीत को एक अलग ही ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। उनकी गायकी में जो मिठास है, वह गीत को और भी खास बना देती है।
महेंद्र कपूर की आवाज़:
- जोश और ऊर्जा: महेंद्र कपूर की दमदार और जोशीली आवाज़ ने इस गीत को उत्साह और ऊर्जा से भर दिया है। उनकी गायकी में वह ताकत है जो श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर देती है।
मन्ना डे की गायकी:
- गहराई और संजीदगी: मन्ना डे की आवाज़ में जो गहराई और संजीदगी है, वह इस गीत को और भी प्रभावशाली बना देती है। उनकी गायकी में वह खासियत है जो हर श्रोता को अपने साथ बांध लेती है।
लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल का संगीत: रंगों की धुनें
लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल की जोड़ी ने इस गीत को संगीतबद्ध करते समय रंगों और जीवन की विविधता को ध्यान में रखा है। उनके संगीत में वह सजीवता और उमंग है जो श्रोताओं को सीधे इस गीत की दुनिया में खींच लेती है। संगीत में इस्तेमाल किए गए वाद्ययंत्र और धुनें इस गीत की खासियत को और भी बढ़ा देती हैं।
लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल के संगीत की विशेषताएँ:
- उत्साह से भरी धुनें: इस गीत में लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने रंगों और मस्ती को दर्शाते हुए उत्साहपूर्ण धुनें बनाई हैं, जो श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर देती हैं।
- पारंपरिक और आधुनिक संगीत का मिश्रण: इस गीत में पारंपरिक भारतीय संगीत का मेल आधुनिक धुनों से किया गया है, जिससे यह गीत हर आयु वर्ग के श्रोताओं को पसंद आता है।
आनंद बक्षी की शायरी: रंगों के माध्यम से जीवन का चित्रण
आनंद बक्षी ने इस गीत के माध्यम से रंगों के प्रतीक के द्वारा जीवन की हर खुशी और विविधता को खूबसूरती से उकेरा है। उनकी शायरी में वह सरलता और गहराई है जो जीवन के हर पहलू को रंगीन बना देती है। उन्होंने रंगों को केवल एक दृश्य सौंदर्य नहीं माना, बल्कि उन्हें जीवन के हर अनुभव का प्रतीक बनाया है।
गीत की लोकप्रियता और सफलता
‘नीला पीला हरा गुलाबी’ गीत ने अपनी मधुरता, उमंग और शानदार गायकी के कारण श्रोताओं के दिलों में एक खास जगह बना ली है। यह गीत अपनी विशिष्टता और रंगीनता के चलते हर पीढ़ी के श्रोताओं द्वारा बेहद पसंद किया जाता है। लता मंगेशकर, महेंद्र कपूर और मन्ना डे की आवाज़, लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल का संगीत और आनंद बक्षी की शायरी ने इस गीत को एक अमर गीत बना दिया है।
निष्कर्ष
‘नीला पीला हरा गुलाबी’ एक ऐसा गीत है जो जीवन के हर रंग और खुशी को अपने संगीत और शब्दों के माध्यम से प्रस्तुत करता है। यह गीत न केवल रंगों का त्यौहार मनाता है, बल्कि जीवन की हर विविधता और खुशियों का जश्न भी मनाता है। लता मंगेशकर, महेंद्र कपूर, मन्ना डे की अद्भुत गायकी, लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल के संगीत और आनंद बक्षी की शायरी ने इस गीत को एक ऐसा अमर गीत बना दिया है, जिसे हर पीढ़ी के श्रोता बड़े उत्साह और प्रेम से सुनते हैं।

नीला पीला हरा गुलाबी – Neela Peela Hara Gulaabi, Song Details…
- Movie/Album: आप बीती
- Year : 1976
- Music : लक्ष्मीकां-प्यारेलाल
- Lyrics : आनंद बक्षी
- Performed : लता मंगेशकर, महेंद्र कपूर, मन्ना डे
नीला पीला हरा गुलाबी – Neela Peela Hara Gulaabi Lyrics in Hindi
नीला, पीला, हरा, गुलाबी, कच्चा-पक्का रंग
रंग डाला मेरा अंग-अंग
राम दुहाई छोड़ कलाई
ओए मामा
ओ मेरे मामा क्या बाजू मेरा तोड़ेगा
आगे-पीछे, ऊपर-नीचे
कोई कितना दौड़ेगा
बहादुर नहीं छोड़ेगा, बहादुर नहीं छोड़ेगा
नीला पीला हरा गुलाबी…
अरे छेड़छाड़ मत करना, करके होली का बहाना
आज का दिन है प्यार का दिन
कोई मार न मुझसे खाना
कुर्ता ढील, तंग पैजामा, गुस्सा रहने दे रे मामा
हाथ मिला ले प्रेम की रेखा
तुमने दुनिया में क्या देखा
अरे तुमने देखे प्रेम के नाटक
हमने देखी जंग
रंग डाला, मेरा अंग-अंग
नीला पीला हरा गुलाबी…
रंग वाले से रंग करवाओ
तो वो माँगे पैसे
मुफ़्त में हमने रंग डाले हैं
मुखड़े कैसे कैसे
दर्पन देखो तो दीवानी, अरे सूरत न जाये पहचानी
तू कोई बदमाश है पक्का
मारा मुझको ज़ोर से धक्का
मैं गिर पड़ी ज़मीं पे जैसे
कट के गिरे पतंग
रंग डाला, मेरा अंग-अंग
राम दुहाई, छोड़ कलाई…
