Yaa Mujhe Afsar-E-Shaaha

या मुझे अफ़सर-ए-शाहा – Yaa Mujhe Afsar-E-Shaaha – Bhupinder Singh

या मुझे अफ़सर-ए-शाहा: एक परिचय

“या मुझे Yaa Mujhe Afsar-E-Shaaha” गाना मिर्ज़ा ग़ालिब फिल्म का एक प्रमुख हिस्सा है, जो 1988 में रिलीज़ हुई थी। इस गाने को बहादुर शाह ज़फ़र ने लिखा, जगजीत सिंह ने संगीत दिया और भूपिंदर सिंह ने गाया। यह गाना भारतीय साहित्य और संगीत के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। मिर्ज़ा ग़ालिब उर्दू और फ़ारसी के एक महान शायर थे। उनकी शायरी में गहराई और संवेदना का अद्वितीय मिश्रण मिलता है। मिर्ज़ा ग़ालिब की शायरी ने न केवल उनके समय में बल्कि आज भी लोगों को प्रभावित किया है। भूपिंदर सिंह की गायकी में उनकी भावनात्मक अभिव्यक्ति और गहरे सुरों का मेल होता है। उनकी आवाज़ में एक विशिष्ट माधुर्य है जो उन्हें अन्य गायकों से अलग करता है।

या मुझे अफ़सर-ए-शाहा
Yaa Mujhe Afsar-E-Shaaha

या मुझे अफ़सर-ए-शाहा – Yaa Mujhe Afsar-E-Shaaha Song Details

  • Movie/Album: मिर्ज़ा ग़ालिब (टी वी सीरियल)
  • Year : 1988
  • Music By: जगजीत सिंह
  • Lyrics By: बहादुर शाह ज़फ़र
  • Performed By: भूपिंदर सिंह

या मुझे अफ़सर-ए-शाहा – Yaa Mujhe Afsar-E-Shaaha Lyrics in Hindi

या मुझे अफ़सर-ए-शाहा ना बनाया होता
या मेरा ताज गदाया ना बनाया होता

ख़ाकसारी के लिए गरचे बनाया था मुझे
काश, संग-ए-जाना ना बनाया होता

नशा-ए-इश्क़ का गर ज़र्फ दिया था मुझको
उम्र का तंग न पैमाना बनाया होता

रोज़ मामूरा-ए-दुनिया में ख़राबी है ‘ज़फ़र’
ऐसी बस्ती से तो वीराना बनाया होता

या मुझे अफ़सर-ए-शाहा…

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