पटना की लड़की है Patna Ki Ladaki Hai- Akshara Singh
परिचय
पटना की लड़की है एक हिट भोजपुरी गीत है, जिसे मशहूर गायिका अक्षरा सिंह ने गाया है। इस गीत के बोल ऋषि ग्वाला द्वारा लिखे गए हैं और संगीत निर्देशन आशीष वर्मा ने किया है। यह गीत पटना की लड़कियों की सुंदरता और आकर्षण का बखान करता है।
गीत के बोल का महत्व
इस गीत के बोल बहुत ही आकर्षक और मजेदार हैं। यह गीत पटना की लड़कियों की सुंदरता, आत्मविश्वास, और आधुनिकता को दर्शाता है। इस गीत के माध्यम से पटना की लड़कियों की पहचान को और भी ज्यादा मजबूत बनाया गया है।
गीत का संगीत निर्देशन
इस गीत का संगीत निर्देशन आशीष वर्मा ने किया है। आशीष वर्मा ने इस गीत के लिए एक बहुत ही जीवंत और आकर्षक धुन बनाई है जो सुनने वालों को झूमने पर मजबूर कर देती है।
अक्षरा सिंह की गायिकी
अक्षरा सिंह की गायिकी इस गीत में बेहद एनर्जेटिक और प्रभावशाली है। उनकी आवाज़ में जो जोश और उमंग है, वह इस गीत को और भी ज्यादा खास बना देता है।
ऋषि ग्वाला की कविता
ऋषि ग्वाला की कविता इस गीत में मुख्य भूमिका निभाती है। उनके शब्दों में जो आकर्षण और जोश है, वह सीधे दिल को छू जाता है।

पटना की लड़की है Patna Ki Ladaki Hai Song Credits
- Album Name – Patna Ki Ladaki Hai
- Song Name – Patna Ki Ladki Hai
- Singer Name – Akshara Singh
- Lyrics – Rishi Gwala
- Music Director – Ashish Verma
- Featuring – Akshara Singh
- Director – Ramdevan
- Company/Label – Akshara Singh
पटना की लड़की है Patna Ki Ladaki Hai Lyrics in Hindi
ऐ आवाज नाही बेटा ऐ दाहार है
तेरे सामने खरे हम हम पाहार है
मुझ से टकराने से पहले जरा सोच ले
मेरा कुछ नही होगा
तेरा तेरा हो जाना काबार है
आरे तुझ जैसे कितनो के अकेले
रगर के तोरे है हम
आरे पटना की लड़की है
किसीसे डरते थोरे है हम
अच्छे अच्छे के अकर मेरे पैरो के धूल
मुझे लड़की समझने के करना ना भुल
तुम हो शिकारी कुता
तो मैं हुँ एक बुल
माथा रहता गरम
टउंटी फोर हैअर
बस दिखती हुँ कुल
त बाबू हमसे मत करना रंगदारी
बरना नाप देंगे औकात तुम्हारी
आरे शेर बाप को भीगी बिली
बना के छोरे है हम
आरे पटना की लड़की है
किसीसे डरते थोरे है हम
उपर उपर से बस टाइट भौकाल है
पर अंदर से तो बाबू पुरा कंगाल है
मर्द हो तो औरत को क्या जूती बनाऔगे
क्या हम सब यहाँ तेरे पापा के माल है
सब जानती हु बेटा सब तेरी चाल है
अपने पर आ गई बेटा
तो तु चल जाएगा भीतर
चिलाएगा घूम घूम के
जैसे चिलाता है तितर
आरे खाल उधर जाएगी
अयेसे कोरे है हम
आरे पटना की लड़की है
किसीसे डरते थोरे है हम
हुहु अकेले काफी बानी हम
