भगवान शिव की आरती – Lord Shiva aarti, ( Anuradha Paudwal )
Lord Shiva aarti का पाठ करने और गाने के कई महत्वपूर्ण लाभ होते हैं। यह आरती महादेव की पूजा और स्तुति का अच्छा माध्यम है जिससे उनके आशीर्वाद को प्राप्त किया जा सकता है। भगवान शिव की आरती का पाठ करने से मन में शांति और सकारात्मकता का अनुभव होता है। इस आरती को गाने से भक्त को पापों से मुक्ति मिलती है और उसकी आत्मा में शुद्धि होती है। Lord Shiva aarti का गाना समस्त भक्तों को भगवान की कृपा और आशीर्वाद की प्राप्ति में सहायक होता है। इस आरती को नियमित रूप से गाने से जीवन में सुख, समृद्धि, और शांति का अनुभव होता है।

भगवान शिव की आरती – Lord Shiva aarti, Song Details
- Song Title : Om Jai Shiva Omkara
- Shiva Aarti Singer : Anuradha Paudwal
- Music Label : T-Series
भगवान शिव की आरती – Lord Shiva aarti, Lyrics in Hindi
ॐ जय शिव ओंकारा, प्रभु हर शिव ओंकारा ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा
ॐ जय शिव ओंकारा ॐ जय शिव ओंकारा, प्रभु हर शिव ओंकारा ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा
ॐ जय शिव ओंकारा एकानन चतुरानन पञ्चानन राजे स्वामी पञ्चानन राजे हंसासन गरूड़ासन हंसासन गरूड़ासन वृषवाहन साजे
ॐ जय शिव ओंकारा दो भुज चार चतुर्भुज, दसभुज ते सोहे स्वामी दसभुज ते सोहे तीनों रूप निरखता तीनों रूप निरखता त्रिभुवन मन मोहे
ॐ जय शिव ओंकारा अक्षमाला वनमाला मुण्डमाला धारी स्वामी मुण्डमाला धारी चन्दन मृगमद चंदा चन्दन मृगमद चंदा भोले शुभ कारी
ॐ जय शिव ओंकारा श्वेताम्बर, पीताम्बर, बाघाम्बर अंगे स्वामी बाघाम्बर अंगे ब्रह्मादिक संतादिक ब्रह्मादिक संतादिक भूतादिक संगे
ॐ जय शिव ओंकारा कर मध्ये च’कमण्ड चक्र त्रिशूलधरता स्वामी चक्र त्रिशूलधरता जग कर्ता जग हरता जग कर्ता जग हरता जगपालन करता
ॐ जय शिव ओंकारा ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव जानत अविवेका स्वामी जानत अविवेका प्रनाबाच्क्षर के मध्ये प्रनाबाच्क्षर के मध्ये ये तीनों एका
ॐ जय शिव ओंकारा त्रिगुणस्वामी जी की आरति जो कोइ जन गावे स्वामी जो कोइ जन गावे कहत शिवानन्द स्वामी कहत शिवानन्द स्वामी मनवान्छित फल पावे
ॐ जय शिव ओंकारा ॐ जय शिव ओंकारा, प्रभु हर शिव ओंकारा ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा
ॐ जय शिव ओंकारा ॐ जय शिव ओंकारा, प्रभु हर शिव ओंकारा ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा
ॐ जय शिव ओंकारा
