परिछावन में

गीत का परिचय

‘परिछावन में ना नचलू त का नचलू’ एक बेहद लोकप्रिय भोजपुरी गीत है, जिसे पवन सिंह और शिवानी सिंह ने अपनी जोशीली आवाज़ से सजाया है। इस गीत के बोल अरुण बिहारी ने लिखे हैं, जबकि इसका संगीत छोटू रावत ने तैयार किया है। यह गीत पारंपरिक भोजपुरी शादी-ब्याह के माहौल में रंग जमाने वाला है, जो श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर देता है।

पवन सिंह: भोजपुरी संगीत का सुपरस्टार

पवन सिंह भोजपुरी सिनेमा और संगीत के एक सुपरस्टार हैं। उनकी आवाज़ में जो दम और जोश होता है, वह हर गीत को एक अलग ही स्तर पर ले जाता है। ‘परिछावन में ना नचलू त का नचलू’ में पवन सिंह की दमदार गायकी श्रोताओं को नाचने पर मजबूर कर देती है। उनकी आवाज़ की शक्ति और भोजपुरी लोकसंगीत का प्रभाव इस गीत को हर शादी और उत्सव का पसंदीदा गीत बना देता है।

पवन सिंह की गायकी की विशेषताएँ

पवन सिंह की गायकी में वह जोश और उमंग है जो भोजपुरी संगीत के हर गीत में जान डाल देती है। उनकी आवाज़ में पारंपरिक और आधुनिक धुनों का ऐसा तालमेल है, जो श्रोताओं को नाचने और गाने पर मजबूर कर देता है। इस गीत में पवन सिंह ने अपनी पहचान के अनुरूप जोशीली और धमाकेदार प्रस्तुति दी है, जो इसे खास बनाती है।

शिवानी सिंह: सुरीली आवाज़ में भोजपुरी तड़का

शिवानी सिंह की आवाज़ भी इस गीत में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उनकी सुरीली आवाज़ पवन सिंह की जोशीली गायकी के साथ खूबसूरती से मेल खाती है। शिवानी की आवाज़ में वह मिठास है जो श्रोताओं को गीत से और भी गहराई से जोड़ देती है। ‘परिछावन में ना नचलू त का नचलू’ में उनका गायन गीत को और भी आकर्षक बनाता है।

शिवानी सिंह की गायकी का योगदान

शिवानी सिंह की आवाज़ में वह कशिश है जो श्रोताओं को गीत के साथ पूरी तरह से जुड़ने का मौका देती है। उनकी गायकी इस गीत को और भी भावनात्मक बनाती है, जो इसे सिर्फ एक पारंपरिक गीत न बनाकर हर किसी के दिल के करीब ला देती है।

संगीत: छोटू रावत की धुनों का जादू

इस गीत का संगीत छोटू रावत ने तैयार किया है, जिन्होंने भोजपुरी लोकसंगीत की परंपरा को आधुनिक धुनों के साथ बेहतरीन तरीके से पेश किया है। गीत की धुनें और ताल श्रोताओं को थिरकने पर मजबूर कर देती हैं। छोटू रावत ने संगीत में जो ऊर्जा भरी है, वह गीत को और भी जीवंत बना देती है।

संगीत की संरचना

छोटू रावत ने ‘परिछावन में ना नचलू त का नचलू’ के संगीत में पारंपरिक और आधुनिक बीट्स का मिश्रण किया है, जिससे गीत को श्रोताओं का अपार समर्थन मिलता है। उनकी संगीत रचना में उत्सव और आनंद की भावना को बखूबी उभारा गया है, जो इसे हर मौके पर एक हिट गीत बनाती है।

अरुण बिहारी: गीत के बोलों में लोकसंगीत का रंग

अरुण बिहारी ने इस गीत के बोलों को बेहद सरल और उत्साहपूर्ण तरीके से लिखा है, जिससे यह गीत भोजपुरी शादी-ब्याह के माहौल का प्रमुख हिस्सा बन गया है। उनके लिखे गए शब्द श्रोताओं को सीधे तौर पर जोड़ते हैं और गीत को और भी मजेदार बनाते हैं। अरुण बिहारी ने भोजपुरी लोकभाषा और उसकी मिठास को बखूबी प्रस्तुत किया है।

गीत के बोल: उत्सव और आनंद की झलक

‘परिछावन में ना नचलू त का नचलू’ के बोलों में एक खास तरह का जोश और आनंद है, जो सीधे तौर पर शादी और उत्सव के माहौल को दर्शाते हैं। अरुण बिहारी ने गीत में पारंपरिक भोजपुरी भाषा का बेहतरीन उपयोग किया है, जिससे श्रोता इस गीत को खुद से जोड़ लेते हैं।

गीत का प्रभाव और इसकी महत्ता

‘परिछावन में ना नचलू त का नचलू’ एक ऐसा गीत है जो हर भोजपुरिया दिल को छू जाता है। पवन सिंह और शिवानी सिंह की जोशीली गायकी, छोटू रावत का धमाकेदार संगीत और अरुण बिहारी के अनूठे बोल इस गीत को श्रोताओं का पसंदीदा बनाते हैं। यह गीत हर शादी, त्योहार और उत्सव का हिस्सा बन चुका है और आने वाले समय में भी इसकी लोकप्रियता बनी रहेगी।

निष्कर्ष

‘परिछावन में ना नचलू त का नचलू’ पवन सिंह और शिवानी सिंह की जोशीली आवाज़, छोटू रावत के संगीत और अरुण बिहारी की लेखनी का एक बेहतरीन मिश्रण है। यह गीत भोजपुरिया संस्कृति और उत्सवधर्मिता का एक प्रतीक है, जो हर श्रोता को आनंद और जोश से भर देता है।

परिछावन में
परिछावन में
  • Album – Parichhawan Me
  • Song Name – Parichhawan Me Na Nachalu
  • Singer Name – Pawan Singh
  • Female Singer – Shivani Singh
  • Lyrics – Arun Bihari
  • Music Director – Chhotu Rawat
  • Featring – Queen Shalini
  • Video Director – Rishi Raj
  • Company Label © – Gananayak Films
  • Released Date – 6 April 2024

आईल बानी दिदिया के देवर के शादी मे
खुबे आज डांस होई खुल के आज़ादी मे
त केतना कुवार मे आरे चौकी हुमचलु
परिछावन में ना नचलू त का नचलू
परिछावन में ना नचलू त का नचलू
ऐ चुमावन मे ना नचलू त का नचलू
ऐ चुमावन मे ना नचलू त का नचलू

आपन ओढ़नियाँ कमरिया मे बांध ल
ल हई गमछा
बाल तनी तन ल
जईसे जईसे कमर हिलाइब
हिलावे के परी
सुर ताल दुनो हमारा संघे
मिलावे के परी
अकि जीजा घरे आके कइसे मान जाई की बचलू
परिछावन में ना नचलू त का नचलू
परिछावन में ना नचलू त का नचलू
ऐ चुमावन मे ना नचलू त का नचलू
ऐ चुमावन मे ना नचलू त का नचलू

अरूण बिहारी आ छोटू पवन से
छुअला प छनकेलु
काहे लईकन से
हितही मे जहाँ जहाँ गइनी
हम हल्फा मचइनी
आपन कमरिया हिलाके
लो गर्दा उरईनी
आहो थाती तु जवनिया के केकरा ला सचलू
परिछावन में ना नचलू त का नचलू
परिछावन में ना नचलू त का नचलू
ऐ चुमावन मे ना नचलू त का नचलू
ऐ चुमावन मे ना नचलू त का नचलू

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