दुर्गा माता की आरती

“दुर्गा माता की आरती पाठ: आत्मिक साधना का मार्गदर्शन”

दुर्गा माता की आरती

दुर्गा माता की आरती का पाठ करने के कई फायदे होते हैं। यहाँ कुछ मुख्य फायदे हैं:

  1. माँ की कृपा प्राप्ति: दुर्गा माता की आरती का पाठ करने से माँ दुर्गा की कृपा प्राप्त होती है। उनकी आराधना करने से भक्त के जीवन में समृद्धि, शांति, और सुख की प्राप्ति होती है।
  2. भक्ति और श्रद्धा का विकास: आरती का पाठ करने से भक्त की भक्ति और श्रद्धा में वृद्धि होती है। माँ दुर्गा की आराधना करने से भक्त उन्हें समर्पित होकर उनके चरणों में भक्ति और प्रेम का भाव विकसित करते हैं।
  3. दुःखों का नाश: दुर्गा माता की आरती का पाठ करने से भक्त के जीवन में दुःखों और कष्टों का नाश होता है। माँ दुर्गा की कृपा से भक्त के सभी विघ्न दूर होते हैं और उनका जीवन सुखमय बनता है।
  4. धार्मिकता का उत्थान: दुर्गा माता की आरती का पाठ करने से भक्त का धार्मिकता का उत्थान होता है। इससे उनका मन और आत्मा पवित्रता और धार्मिकता की ओर बढ़ता है।
  5. समृद्धि और सफलता का आगमन: दुर्गा माता की आरती का पाठ करने से भक्त के जीवन में समृद्धि, सफलता, और उत्तम निर्णयों का आगमन होता है। माँ दुर्गा की कृपा से उनका कार्य समृद्धि से पूरा होता है।
दुर्गा माता की आरती
दुर्गा माता की आरती

Durga Mata aarti lyrics in Hindi

  • Aarti title: Ambe Tu Hai Jagdambe Kali / Durga Mata Aarti
  • Album: Aartiyan
  • Singer: Anuradha Paudwan
  • Music Director: Arun Paudwal
  • Music Label: T-Series

दुर्गा माता की आरती….

अम्बे तू है जगदम्बे काली,

जय दुर्गे खप्पर वाली,

तेरे ही गुण गायें भारती,

ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती अम्बे तू है जगदम्बे काली,

जय दुर्गे खप्पर वाली,

तेरे ही गुण गायें भारती,

ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती

तेरे भक्त जनों पे माता भीड पड़ी है

भारी दानव दल पर टूट पड़ो माँ करके सिंह सवारी

तेरे भक्त जनों पे माता भीड पड़ी है

भारी दानव दल पर टूट पड़ो माँ करके सिंह सवारी सौ-सौ सिहों से भी बलशाली,

है दस भुजाओं वाली,

दुखियों के दुखड़े निवारती

ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती

अम्बे तू है जगदम्बे काली,

जय दुर्गे खप्पर वाली,

तेरे ही गुण गायें भारती,

ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती

माँ-बेटे का है इस जग में बड़ा ही निर्मल नाता

पूत-कपूत सुने हैं पर ना माता सुनी कुमाता

माँ-बेटे का है इस जग में बड़ा ही निर्मल नाता

पूत-कपूत सुने हैं पर ना माता सुनी कुमाता

सब पे करूणा दर्शाने वाली,

अमृत बरसाने वाली दुखियों के दुखड़े निवारती

ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती

अम्बे तू है जगदम्बे काली,

जय दुर्गे खप्पर वाली,

तेरे ही गुण गायें भारती,

ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती

नहीं मांगते धन और दौलत, न चांदी न सोना

हम तो मांगें माँ तेरे मन में एक छोटा सा कोना

नहीं मांगते धन और दौलत,

न चांदी न सोना हम तो मांगें माँ

तेरे मन में एक छोटा सा कोना

सबकी बिगड़ी बनाने वाली,

लाज बचाने वाली सतियों के सत को संवारती

ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती

अम्बे तू है जगदम्बे काली,

जय दुर्गे खप्पर वाली,

तेरे ही गुण गायें भारती,

ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती

ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती

ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती..

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