बेखयाली में भी तेरा ही ख्याल आये – Bekhayali main bhi tera khyaal aaye – Sachet Tondon, Kabir Singh
“Bekhayali में भी तेरा ही ख्याल आये” गाना हिंदी फिल्म “कबीर सिंह” का एक बहुत ही लोकप्रिय गाना है। इस गाने में प्रेम और अलगाव की भावना को बेहतरीन ढंग से व्यक्त किया गया है। गाने के बोल और संगीत द्वारा यह गीत लोगों के दिलों में बस गया है। इस गाने के बोल प्रेम की भावना को बेहतरीन ढंग से व्यक्त करते हैं और श्रोताओं को उत्साहित करते हैं कि प्रेम में साहस और समर्पण का महत्व होता है। गाने के संगीत में भी आत्मीयता और भावनाओं को उजागर किया गया है जो इसे एक अद्वितीय अनुभव बनाता है।

बेखयाली में भी तेरा ही ख्याल आये –Bekhayali Lyrics in Hindi Song Details
- गाना: बेख़याली
- फिल्म: कबीर सिंह
- गायक: सचेत टंडन
- गीतकार: इरशाद कामिल
- संगीतकार: सचेत-परमारा
बेखयाली में भी तेरा ही ख्याल आये Bekhayali main bhi tera khyaal aaye Lyrics in Hindi
हम्म..
बेखयाली में भी
तेरा ही ख्याल आये
क्यूँ बिछड़ना है ज़रूरी
ये सवाल आये
तेरी नजदीकियों की
ख़ुशी बेहिसाब थी
हिस्से में फासले भी
तेरे बेमिसाल आये
मैं जो तुमसे दूर हूँ
क्यूँ दूर मैं रहूँ
तेरा गुरुर हूँ..
हिन्दीट्रैक्स
आ तू फासला मिटा
तू ख्वाब सा मिला
क्यूँ ख्वाब तोड़ दूं
ऊँ..
बेखयाली में भी
तेरा ही ख्याल आये
क्यूँ जुदाई दे गया तू
ये सवाल आये
थोड़ा सा मैं खफा हो
गया अपने आप से
थोड़ा सा तुझपे भी
बेवजह ही मलाल आये
है ये तड़पन, है ये उलझन
कैसे जी लूँ बिना तेरे
मेरी अब सब से है अनबन
बनते क्यूँ ये ख़ुदा मेरे
हम्म..
ये जो लोग बाग हैं
जंगल की आग हैं
क्यूँ आग में जलूं..
ये नाकाम प्यार में
खुश हैं ये हार में
इन जैसा क्यूँ बनूँ
ऊँ..
रातें देंगी बता
नीदों में तेरी ही बात है
भूलूं कैसे तुझे
तू तो ख्यालों में साथ है
बेखयाली में भी
तेरा ही ख्याल आये
क्यूँ बिछड़ना है ज़रूरी
ये सवाल आये
ऊँ..
नज़र के आगे हर एक मंजर
रेत की तरह बिखर रहा है
दर्द तुम्हारा बदन में मेरे
ज़हर की तरह उतर रहा है
नज़र के आगे हर एक मंजर
रेत की तरह बिखर रहा है
दर्द तुम्हारा बदन में मेरे
ज़हर की तरह उतर रहा है
आ ज़माने आजमा ले रुठता नहीं
फासलों से हौसला ये टूटता नहीं
ना है वो बेवफा और ना मैं हूँ बेवफा
वो मेरी आदतों की तरह छुटता नहीं
बेखयाली में भी तेरा ही ख्याल आये Bekhayali main bhi tera khyaal aaye
