क्या खूब लगती हो – Kya Khoob Lagti Ho – Mukesh, Kanchan, Dharmatma
परिचय
“Kya Khoob Lagti Ho” 1975 की सुपरहिट फिल्म ‘धर्मात्मा’ का एक बेहद लोकप्रिय और रोमांटिक गीत है। यह गीत अपने समय में और आज भी एक रोमांटिक गाने के रूप में बहुत पसंद किया जाता है। मुकेश और कंचन की शानदार गायकी, इन्दीवर के सुरीले शब्द, और कल्याणजी-आनंदजी की संगीत रचना ने इस गाने को अमर बना दिया है। यह गीत नायक के द्वारा नायिका की सुंदरता की तारीफ करता है और उनके प्रेम को बड़े ही मासूम और मोहक अंदाज में प्रस्तुत करता है।

क्या खूब लगती हो – Kya Khoob Lagti Ho Song Credits
- Movie/Album: धर्मात्मा
- Year : 1975
- Music : कल्याणजी-आनंदजी
- Lyrics : इन्दीवर
- Singer : मुकेश, कंचन
क्या खूब लगती हो – Kya Khoob Lagti Ho Song Lyrics in Hindi
क्या खूब लगती हो बड़ी सुंदर दिखती हो
फिर से कहो, कहते रहो, अच्छा लगता है
जीवन का हर सपना अब सच्चा लगता है
तारीफ़ करोगे कब तक, बोलो कब तक
मेरे सीने में साँस रहेगी जब तक
कब तक मैं रहूँगी मन में, हाँ मन में
सूरज होगा जब तक नील गगन में
फिर से कहो…
खुश हो ना मुझे तुम पा कर, मुझे पाकर
प्यासे दिल को आज मिला है सागर
क्या दिल में है और तमन्ना, है तमन्ना
हर जीवन में तुम मेरे ही बनना
फिर से कहो…
