जब आती होगी याद मेरी – Jab Aati Hogi Yaad Meri – Md.Rafi & Sulakshna Pandit
“Jab Aati Hogi Yaad Meri” फिल्म फाँसी का एक दिल को छू लेने वाला गीत है। इस गीत को गाया है महान गायक मोहम्मद रफ़ी और सुलक्षणा पंडित ने। यह गाना दर्द और विरह की भावनाओं से भरपूर है, जो बिछड़ने और यादों की कसक को बखूबी बयां करता है। दोनों गायकों की मधुर आवाज़ और गीत के भावुक बोल इसे श्रोताओं के दिलों तक पहुँचाते हैं।

जब आती होगी याद मेरी – Jab Aati Hogi Yaad Meri Song Credits
- Movie/Album: फाँसी
- Year : 1978
- Music : लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल
- Lyrics : गुलशन बावरा
- Singer : मो.रफ़ी, सुलक्ष्णा पंडित
जब आती होगी याद मेरी – Jab Aati Hogi Yaad Meri Lyrics in Hindi
जब आती होगी याद मेरी
तेरा दिल तो मचलता होगा
तू भी तो मुझे मिलने को
दिन रात तड़पता होगा
जब आती होगी याद मेरी…
लिखे तो होंगे खत मुझको, पर डाक में न डाले होंगे
पर डाक में न डाले होंगे
के मुझको दिखाने के लिए
के मुझको दिखाने के लिए, तूने सब वो संभाले होंगे
बरसों न मेरा खत पा के तू ठण्डी आहें तो भरता होगा
जब आती होगी याद मेरी…
ख्यालों में तू मुझको ला के, करता तो होगा दिल जोई
करता तो होगा दिल जोई
ये भी तो कभी सोचता होगा
ये भी तो कभी सोचता होगा, ले जाए न मुझे और कोई
किसी और की होने के डर से, तेरा दिल भी धड़कता होगा
जब आती होगी याद मेरी…
