इन्सान बनो – Insaan Bano – (Md.Rafi, Baiju Bawra)
“Insaan Bano” 1952 की मशहूर फिल्म बैजू बावरा का एक भावपूर्ण और प्रेरणादायक गीत है। इस गीत को मो. रफी की भावुक और दमदार आवाज़ में गाया गया है, जो दिल को छू लेती है। इस गीत में इंसानियत, दया, और भाईचारे का संदेश दिया गया है, जो इसे एक अमर और प्रेरणादायक गीत बनाता है।
“Insaan Bano” का संदेश उस दौर के समाज को एक प्रेरणा देता है और आज भी हमें मानवीय गुणों को अपनाने की शिक्षा देता है। गीत में बताया गया है कि इंसान को सबसे पहले अपने अंदर इंसानियत को जीवित रखना चाहिए। यह गीत हर उस व्यक्ति के लिए एक सीख है जो समाज में प्रेम, सहानुभूति, और भाईचारे को बढ़ावा देना चाहता है।

इन्सान बनो – Insaan Bano Song Credits
Movie/Album: बैजू बावरा (1952)
Music By: नौशाद
Lyrics By: शकील बदायुनी
Singer : मो.रफी
इन्सान बनो – Insaan Bano Song Lyrics
निर्धन का घर लूटने वालों, लूट लो दिल का प्यार
प्यार वो धन है जिस के आगे, सब धन हैं बेकार
इन्सान बनो, इन्सान बनो, कर लो भलाई का कोई काम
दुनियाँ से चले जाओगे, रह जायेगा बस नाम
इस बाग में सूरज भी निकलता हैं लिए गम
फूलों की हंसी देख के रो देती है शबनम
कुछ देर की खुशियाँ हैं, तो कुछ देर का मातम
किस नींद में हो जागो, ज़रा सोच लो अंजाम
इन्सान बनो…
लाखों यहाँ शान अपनी दिखाते हुए आये
दम भर के लिए नाच गये धूप में साये
वो भूल गये थे के ये दुनियाँ हैं सराये
आता है कोई सुबह, तो जाता है कोई शाम
इंसान बनो…
क्यों तुमने लगाए हैं यहाँ ज़ुल्म के ढेरे
धन साथ ना जायेगा, बने क्यों हो लुटेरे
पीते हो ग़रीबों का लहू शाम सवेरे
खुद पाप करो, नाम हो शैतान का बदनाम
इंसान बनो…
