क़व्वाली गायेंगे – Qawwali Gaayenge, Asha Bhosle, Mahendra Kapoor, Aakraman
“Qawwali Gaayenge” फिल्म आक्रमण का एक बेहद अनोखा और प्रभावशाली गाना है। यह गाना भारतीय फिल्म संगीत की एक नई दिशा की ओर इशारा करता है, जिसमें क्लासिकल कव्वाली के साथ एक आधुनिक ट्विस्ट देखने को मिलता है। इस गाने में आशा भोंसले और महेंद्र कपूर की जुगलबंदी ने गाने को और भी शानदार बना दिया है।

क़व्वाली गायेंगे – Qawwali Gaayenge Song Credits
Movie/Album: आक्रमण (1975)
Music By: लक्ष्मीकांत प्यारेलाल
Lyrics By: आनंद बक्षी
Singer : आशा भोंसले, महेंद्र कपूर
क़व्वाली गायेंगे – Qawwali Gaayenge Song
बाग़ की रौनक बन नहीं सकता
कोई फूल अकेला
रंग बिरंगे फूलों से
लगता है यारों मेला
पंजाबी गाएँगे, मराठी गाएँगे
गुजरती गाएँगे, बंगाली गाएँगे
आज चलो मिलकर हम सब क़व्वाली गायेंगे
हँसी आती है हमको आजकल के नौजवानों पर
दवा दर्द-ए-जिगर की ढूंढते हैं जो दुकानों पर
तड़प के प्यार में सीने से बस इलज़ाम मिलता है
वतन की राह में मरने से ही आराम मिलता है
मौसम साल महिना झूठ, मरना सच है, जीना झूठ
इश्क वतन दा सच्ची बात, तेरा हुस्न हसीना झूठ
मौसम साल महिना झूठ, मरना सच है, जीना झूठ
शम्मे वतन पर बने के परवाने जल जाएँगे
आज चलो मिलकर…
यहाँ पैदा हुए हम या वहाँ, क्या फर्क पड़ता है
कोई हो रंग, कोई हो जुबां, क्या फर्क पड़ता है
जुबां है इसलिए कि आदमी मतलब है क्या समझे
न समझे इस से भी जो नासमझ उससे खुदा समझे
क्यूँ है बहज़ुबानों पर, अपनों और बेगानों पर
अब तक लहराते थे हम, झंडा सिर्फ मकानों पर
क्यूँ है बहज़ुबानों पर, अपनों और बेगानों पर
आज तिरंगा दिलों में अपने हम लहराएँगे
आज चलो मिलकर…
