आज बिछड़े हैं – Aaj Bichhde Hain, Bhupinder Singh, Thodi Si Bewafai
“Aaj Bichhde Hain” एक ऐसा गीत है जो वियोग की गहराइयों को बेहद खूबसूरती से दर्शाता है। गुलज़ार के शब्द, भूपिंदर सिंह की आवाज़ और भावनात्मक संगीत – तीनों मिलकर इस गीत को एक अमर धरोहर बना देते हैं। यह गीत उन सभी के लिए है जिन्होंने कभी प्यार में खोने का दर्द महसूस किया है।

आज बिछड़े हैं – Aaj Bichhde Hain Ghazal Credits
- Movie/Album: थोड़ी सी बेवफाई (1980)
- Music By: खय्याम
- Lyrics : गुलज़ार
- Singer : भूपिंदर सिंह
आज बिछड़े हैं – Aaj Bichhde Hain Ghazal Lyrics
आज बिछड़े हैं, कल का डर भी नहीं
ज़िन्दगी इतनी मुख्तसर भी नहीं
आज बिछड़े हैं…
ज़ख्म दिखते नहीं अभी लेकिन
ठंडे होंगे तो दर्द निकलेगा
तैश उतरेगा वक्त का जब भी
चेहरा अन्दर से ज़र्द निकलेगा
आज बिछड़े हैं…
कहने वालों का कुछ नहीं जाता
सहने वाले कमाल करते हैं
कौन ढूँढे जवाब दर्दों के
लोग तो बस सवाल करते हैं
आज बिछड़े हैं…
कल जो आयेगा जाने क्या होगा
बीत जाए जो कल नहीं आते
वक़्त की शाख तोड़ने वालों
टूटी शाखों पे फल नहीं आते
आज बिछड़े हैं…
कच्ची मिट्टी है दिल भी, इंसां भी
देखने ही में सख़्त लगता है
आँसू पोंछे तो आँसुओं के निशाँ
खुश्क होने में वक़्त लगता है
आज बिछड़े हैं…
आज बिछड़े हैं – Aaj Bichhde Hain Ghazal
https://youtu.be/pDzGdIWKf1M?feature=shared
