आज सोचा तो आँसू भर आए – Aaj Socha To Aansoo Bhar Aaye, Lata Mangeshkar, Hanste Zakhm
“Aaj Socha To Aansoo Bhar Aaye” एक ऐसा गीत है जो तन्हाई, गुज़रे वक्त और अधूरे रिश्तों की टीस को बहुत ही शालीनता से बयां करता है। यह केवल एक गीत नहीं, बल्कि एक एहसास है वो एहसास जो तब आता है जब हम किसी भूले-बिसरे लम्हे को अचानक याद कर बैठते हैं। लता मंगेशकर की आवाज़, मदन मोहन की सधी हुई धुन और कैफ़ी आज़मी की शायरी, तीनों मिलकर इसे एक अमर रचना बना देते हैं।

आज सोचा तो आँसू भर आए – Aaj Socha To Aansoo Bhar Aaye Song Credits
- Movie/Album: हँसते ज़ख्म (1973)
- Music : मदन मोहन
- Lyrics : कैफी आज़मी
- Singer : लता मंगेशकर
आज सोचा तो आँसू भर आए – Aaj Socha To Aansoo Bhar Aaye Song Hindi Lyrics
आज सोचा तो आंसू भर आए
मुद्दतें हों गई मुस्कुराये
हर कदम पर उधर मुड़कर देखा
उनकी महफिल से हम उठ तो आए
आज सोचा तो आंसू…
रह गई ज़िन्दगी दर्द बन के
दर्द दिल में छुपाये छुपाये
आज सोचा तो आंसू…
दिल की नाज़ुक रगें टूटती हैं
याद इतना भी कोई न आए
आज सोचा तो आंसू…
