अब कहाँ जाएँ हम – Ab Kahan Jayen Hum, Manna Dey, Ujala
“Ab Kahan Jayen Hum” एक ऐसा गीत है जिसे सुनकर आंखें नम हो जाती हैं और दिल सोच में पड़ जाता है। मन्ना डे की आवाज़, शंकर-जयकिशन का संगीत और शैलेन्द्र की लेखनी – तीनों मिलकर इसे हिंदी सिनेमा के सबसे संवेदनशील गीतों में से एक बनाते हैं। यह गाना आज भी उन लोगों के दिलों में ज़िंदा है जो भावनाओं की गहराई को समझते हैं।

अब कहाँ जाएँ हम – Ab Kahan Jayen Hum Song
Movie/Album: उजाला (1959)
Music By: शंकर-जयकिशन
Lyrics : शैलेन्द्र
Singer : मन्ना डे
अब कहाँ जाएँ हम – Ab Kahan Jayen Hum Song Lyrics in Hindi
अब कहाँ जाएँ हम, ये बता ऐ ज़मीं
इस जहां में तो कोई हमारा नहीं
अपने साये से भी लोग डरने लगे
अब किसी को किसी पर भरोसा नहीं
अब कहाँ जाएँ हम…
हम घर-घर जाते हैं, ये दिल दिखलाते हैं
पर ये दुनिया वाले, हमको ठुकराते हैं
रास्ते मिट गए, मंज़िलें खो गईं
अब किसी को किसी पर भरोसा नहीं
अब कहाँ जाएँ हम…
नफ़रत है निगाहों में, वहशत है निगाहों में
ये कैसा ज़हर फैला, दुनिया की हवाओं में
प्यार की बस्तियाँ, ख़ाक होने लगीं
अब किसी को किसी पर भरोसा नहीं
अब कहाँ जाएँ हम…
हर साँस है मुश्किल की, हर जान है इक मोती
बाज़ार में पर इनकी, गिनती ही नहीं होती
ज़िन्दगी की यहाँ, कोई कीमत नहीं
अब किसी को किसी पर भरोसा नहीं
ये बता ऐ ज़मीं…
