ऐ मेरे दिल कहीं और चल – Ae Mere Dil Kahin Aur Chal, Talat, Lata, Daag
“Ae Mere Dil Kahin Aur Chal” सिर्फ एक गीत नहीं, एक भावनात्मक अनुभव है। इसमें स्वर, शब्द और संगीत तीनों का ऐसा संगम है जो हिंदी सिनेमा के स्वर्ण युग की पहचान बन चुका है।

ऐ मेरे दिल कहीं और चल – Ae Mere Dil Kahin Aur Chal Song Credits
- Movie/Album: दाग (1952)
- Music : शंकर-जयकिशन
- Lyrics : शैलेन्द्र
- Singers : तलत महमूद, लता मंगेशकर
ऐ मेरे दिल कहीं और चल – Ae Mere Dil Kahin Aur Chal Song Lyrics in Hindi
ऐ मेरे दिल कहीं और चल
ग़म की दुनिया से दिल भर गया
ढूंढ ले अब कोई घर नया
ऐ मेरे दिल कहीं…
चल जहाँ गम के मारे न हों
झूठी आशा के तारे न हों
इन बहारों से क्या फ़ायदा
जिसमें दिल की कलि जल गई
ज़ख़्म फिर से हरा हो गया
ऐ मेरे दिल कहीं…
चार आँसू कोई रो दिया
फेर के मुँह कोई चल दिया
लुट रहा था किसी का जहां
देखती रह गई ये ज़मीं
चुप रहा बेरहम आसमां
ऐ मेरे दिल कहीं…
