Aiso Ras Racho Vrindavan

ऐसो रास रच्यो वृन्दावन – Aiso Ras Racho Vrindavan, Devi Chitralekhaji

“Aiso Ras Racho Vrindavan” एक दिव्य और भक्ति से परिपूर्ण श्री कृष्ण भजन है, जिसमें भगवान श्री कृष्ण के रास लीला के अद्भुत और भव्य स्वरूप का वर्णन किया गया है। इस भजन में वृन्दावन की पवित्रता और भगवान कृष्ण के साथ गोपियों के रास का उल्लेख है। यह भजन भक्तों को भगवान श्री कृष्ण के अद्भुत रूप और उनके प्रेम का अनुभव कराता है। देवी चित्रलेखाजी ने इस भजन को अपनी मनमोहक और भक्तिपूर्ण आवाज़ में प्रस्तुत किया है।

ऐसो रास रच्यो वृन्दावन
Aiso Ras Racho Vrindavan

ऐसो रास रच्यो वृन्दावन – Aiso Ras Racho Vrindavan

  • Album : Aiso Raas Rachyo Vrindavan
  • Singer : Devi Chitralekhaji 

ऐसो रास रच्यो वृन्दावन – Aiso Ras Racho Vrindavan

ऐसो रास रच्यो वृन्दावन,
है रही पायल की झंकार ॥
ऐसो रास रच्यो वृन्दावन,
है रही पायल की झंकार ॥
घुंघरू खूब छमा छ्म बाजे,
बजते बिछुवा बहुते बाजे,
रवा कौंधनी केहु बाजे,
अंग अंग में गहना साजे,
चूडियन की झंकार,
ऐसो रास रच्यो वृंदावन,
है रही पायल की झंकार ॥

बाजे भात भाँति के बाजे,
झांझ पखावज दुन्दुभि बाजे,
सारंगी और महुवर बाजे,
बंसी बाजे मधुर मधुर बाजे,
वीणा हूँ के तार,
ऐसो रास रच्यो वृंदावन,
है रही पायल की झंकार ॥

राधा मोहन दे गलबईयाँ,
नाचे संग संग ले फिरकईयाँ,
चाल चले शीतल सुखदईयाँ,
जामा पाटुका लहंगा फरिया,
करे सनन सरकार,
ऐसो रास रच्यो वृंदावन,
है रही पायल की झंकार ॥

ऐसो रास रच्यो वृन्दावन,
है रही पायल की झंकार ॥

ऐसो रास रच्यो वृन्दावन – Aiso Ras Racho Vrindavan Bhajan

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