अजीब दास्ताँ है ये – Ajeeb Dastan Hai Ye, Lata Mangeshkar, Dil Apna Aur Preet Parai
“Ajeeb Dastan Hai Ye” न सिर्फ एक प्रेम गीत है, बल्कि यह जीवन के उन अनकहे पहलुओं को दर्शाता है जिन्हें हम समझ नहीं पाते। यह गीत हमें यह सोचने पर मजबूर करता है कि हर प्रेम कहानी का अंत सुखांत नहीं होता, और हर भावुक रिश्ता हमेशा किसी नाम या मंज़िल तक नहीं पहुँचता। शंकर-जयकिशन, लता मंगेशकर और शैलेन्द्र की त्रयी ने इस गीत को हिंदी फिल्म संगीत के इतिहास में अमर बना दिया है।

अजीब दास्ताँ है ये – Ajeeb Dastan Hai Ye Song Credits
- Movie/Album: दिल अपना और प्रीत पराई (1960)
- Music : शंकर-जयकिशन
- Lyrics : शैलेन्द्र
- Singer : लता मंगेशकर
अजीब दास्ताँ है ये – Ajeeb Dastan Hai Ye Song Lyrics in Hindi
अजीब दास्ताँ है ये
कहाँ शुरू कहाँ ख़तम
ये मंज़िलें है कौन सी
न वो समझ सके न हम
अजीब दास्ताँ है ये…
ये रौशनी के साथ क्यूँ
धुआं उठा चिराग से
ये ख्वाब देखती हूँ मैं
के जग पड़ी हूँ ख्वाब से
अजीब दास्ताँ है ये…
मुबारकें तुम्हें के तुम
किसी के नूर हो गए
किसी के इतने पास हो
के सबसे दूर हो गए
अजीब दास्ताँ है ये…
किसी का प्यार ले के तुम
नया जहां बसाओगे
ये शाम जब भी आएगी
तुम हमको याद आओगे
अजीब दास्ताँ है ये…
