Badri Chir Ke Bahari Aai – बदरी चीर के बाहरी आई Song, Pawan Singh
“Badri Chir Ke Bahari Aai” एक ऐसा छठ गीत है जो हर सुनने वाले के दिल में श्रद्धा, उल्लास और अपनापन भर देता है। पवन सिंह की जोशीली आवाज़ और मनोज मतलबी की भावनात्मक लेखनी ने इस गीत को छठ पूजा के अनमोल रत्नों में शामिल कर दिया है।

Badri Chir Ke Bahari Aai – बदरी चीर के बाहरी आई Song Details
- Song Title – Badri Chir Ke Bahari Aai
- Singer – Pawan Singh
- Lyrics – Manoj Matalbi
- Music – Ghunghroo Ji
- Music Label – Wave Music Bhakti
Badri Chir Ke Bahari Aai – बदरी चीर के बाहरी आई Song Lyrics in Hindi
बदरी चीर के बाहरी आई
देव दरस आपन देखलाई
बदरी चीर के बाहरी आई
देव दरस आपन देखलाई
की चढ़ के आई हे सुरुज देव रथ
कईले बाड़ी छठ बरतीन जोहत बाड़ी बाट
उगी हे सुरुज देव हाली पटना के घाट
उगी हे सुरुज देव हाली पटना के घाट !
अरघ के कलसूप सजावल बा
घिउवा के दिया जरावल बा
हाथ जोड़ी बरतीन ध्यान धई के
रउवा के लोग गोहरावत बा
अरघ के कलसूप सजावल बा
घिउवा के दिया जरावल बा
हाथ जोड़ी बरतीन ध्यान धई के
रउवा के लोग गोहरावत बा
रउरा पूजन के मन में बाटे हठ
कईले बाड़ी छठ बरतीन जोहत बाड़ी बाट
उगी हे सुरुज देव हाली आरा के गांगी के घाट
उगी हे सुरुज देव हाली बक्सर के घाट !
दर्शन जे राउर मिल जाईत
बरतीन के चेहरा खिल जाईत
तीन दिन से भूखल पियासल बाड़ी
पाई दर्शन थकान कुल मिट जाईत
हो हो हो.. दर्शन जे राउर मिल जाईत
बरतीन के चेहरा खिल जाईत
तीन दिन से भूखल पियासल बाड़ी
पाई दर्शन थकान कुल मिट जाईत
सभे रहिया निहारे एक टक
कईले बाड़ी छठ बरतीन जोहत बाड़ी बाट
उगी हे सुरुज देव हाली काशी के शीतला के घाट
उगी हे सुरुज देव हाली बलिया के घाट !
बदरी चीर के बाहरी आई
देव दरस आपन देखलाई
बदरी चीर के बाहरी आई
देव दरस आपन देखलाई
की चढ़ के आई हे सुरुज देव रथ
कईले बाड़ी छठ बरतीन जोहत बाड़ी बाट
उगी हे सुरुज देव हाली देवमूँगा के घाट
उगी हे सुरुज देव हाली पटना के घाट !
उगी हे सुरुज देव हाली दिल्ली के जमुना घाट !
उगी हे सुरुज देव हाली बक्सर के घाट !
उगी हे सुरुज देव हाली बलिया के घाट !
