बरसो रे मेघा-मेघा – Barso Re Megha-Megha, Guru, Shreya Ghoshal
फिल्म गुरु का गीत “Barso Re Megha-Megha” भारतीय मानसून, स्त्री की भावनाओं और प्रेम की प्रतीक्षा का संगम है। यह गीत वर्षा के माध्यम से आत्मा की पुकार, उत्सव की उमंग और जीवन में नई शुरुआत की भावना को दर्शाता है। श्रेया घोषाल की सुरीली आवाज़ और ए.आर. रहमान का प्रकृति से प्रेरित संगीत इसे एक शुद्ध, जादुई अनुभव बनाते हैं।

बरसो रे मेघा-मेघा – Barso Re Megha-Megha Song Credits
- Movie/Album: गुरु (2007)
- Music : ए.आर.रहमान
- Lyrics : गुलज़ार
- Singer : श्रेया घोषाल
बरसो रे मेघा-मेघा – Barso Re Megha-Megha Song Hindi Lyrics
बरसो रे मेघा-मेघा
बरसो रे, मेघा बरसो
मीठा है कोसा है, बारिश का बोसा है
जल-थल-चल-चल
चल-चल बहता चल
गीली-गीली माटी, गीली माटी के
चल घरौंदे बनायेंगे रे
हरी भरी अम्बी, अम्बी की डाली
मिल के झूले झुलाएंगे रे
धन बैजू गजनी, हल जोते सबने
बैलों की घंटी बजी, और ताल लगे भरने
रे तैर के चली, मैं तो पार चली
पार वाले पर ले किनारे चली
रे मेघा…
नन्ना रे..
काली-काली रातें, काली रातों में
ये बदरवा बरस जायेगा
गली-गली मुझको, मेघा ढूँढेगा
और गरज के पलट जायेगा
घर आँगन अंगना, और पानी का झरना
भूल न जाना मुझे, सब पूछेंगे वरना
रे बह के चली, मैं तो बह के चली
रे कहती चली, मैं तो कहके चली
रे मेघा…
नन्ना रे…
