Beete Lamhein


बीते लम्हें – Beete Lamhein, K.K, The Train

“Beete Lamhein” सिर्फ एक गाना नहीं है — यह एक एहसास है, एक दर्दभरी कविता है जिसे के.के. की आवाज़ और मिथून के संगीत ने अमर बना दिया है। सईद क़ादरी के लफ्ज़ों ने हर उस दिल की नब्ज़ को छू लिया है जो अब भी किसी अतीत में जी रहा है।

बीते लम्हें
Beete Lamhein

बीते लम्हें – Beete Lamhein Song Credita

  • Movie/Album: द ट्रेन (2007)
  • Music : मिथुन शर्मा
  • Lyrics : सईद कादरी
  • Singer : के.के

बीते लम्हें – Beete Lamhein Hindi Lyrics

दर्द में भी ये लब मुस्कुरा जाते हैं
बीते लम्हें हमें जब भी याद आते हैं

चन्द लम्हात के वास्ते ही सही
मुस्कुरा कर मिली थी मुझे ज़िन्दगी
तेरी आगोश में दिन थे मेरे कटे
तेरी बाहों में थी मेरी रातें कटीं
आज भी जब वो पल मुझको याद आते हैं
दिल से सारे गमों को भुला जाते हैं
दर्द में…

किस कदर तेज़ रफ़्तार थी ज़िन्दगी
कहकहे हर तरफ़ थी खुशी ही खुशी
मैंने जिस दिन कही प्यार की बात थी
रुक गई थी अचानक वो बहती नदी
आज भी जब वो दिन मुझको याद आते हैं
गुज़रे लम्हें ज़हन में उभर आते हैं
दर्द में…

मेरे कांधे पे सिर को झुकाना तेरा
मेरे सीने में खुद को छुपाना तेरा
आके मेरी पनाहों में शाम-ओ-सहर
कांच की तरह वो टूट जाना तेरा
आज भी जब वो मन्ज़र नज़र आते हैं
दिल की विरानियों को मिटा जाते हैं
दर्द में…

बीते लम्हें – Beete Lamhein Song

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