भए प्रगट कृपाला दीनदयाला – Bhaye Pragat Kripala Din Dayala
“Bhaye Pragat Kripala Din Dayala” श्री राम के अवतरण का एक अद्भुत स्तुति भजन है। यह भजन भगवान श्री राम के जन्म और उनके दीनदयाल स्वरूप का महिमा मंडन करता है। इसे सुप्रसिद्ध भजन गायिका तृप्ति शाक्या ने अपनी सुमधुर और भक्ति से ओत-प्रोत आवाज़ में गाया है। इस स्तुति में भगवान राम के जन्म का वर्णन करते हुए, उनके करुणामय और भक्तवत्सल रूप की महिमा का गान किया गया है।

भए प्रगट कृपाला दीनदयाला – Bhaye Pragat Kripala Din Dayala Bhajan Credits
- Song: Bhaye Pragat Kripala
- Singer: Tripti Shakya
- Music: Sohan Lal
- Lyrics: Chiranji Lal Agarwal
भए प्रगट कृपाला दीनदयाला – Bhaye Pragat Kripala Din Dayala Bhajan Lyrics
छंद:
भए प्रगट कृपाला दीनदयाला,
कौसल्या हितकारी ।
हरषित महतारी, मुनि मन हारी,
अद्भुत रूप बिचारी ॥
लोचन अभिरामा, तनु घनस्यामा,
निज आयुध भुजचारी ।
भूषन बनमाला, नयन बिसाला,
सोभासिंधु खरारी ॥
कह दुइ कर जोरी, अस्तुति तोरी,
केहि बिधि करूं अनंता ।
माया गुन ग्यानातीत अमाना,
वेद पुरान भनंता ॥
करुना सुख सागर, सब गुन आगर,
जेहि गावहिं श्रुति संता ।
सो मम हित लागी, जन अनुरागी,
भयउ प्रगट श्रीकंता ॥
ब्रह्मांड निकाया, निर्मित माया,
रोम रोम प्रति बेद कहै ।
मम उर सो बासी, यह उपहासी,
सुनत धीर मति थिर न रहै ॥
उपजा जब ग्याना, प्रभु मुसुकाना,
चरित बहुत बिधि कीन्ह चहै ।
कहि कथा सुहाई, मातु बुझाई,
जेहि प्रकार सुत प्रेम लहै ॥
माता पुनि बोली, सो मति डोली,
तजहु तात यह रूपा ।
कीजै सिसुलीला, अति प्रियसीला,
यह सुख परम अनूपा ॥
सुनि बचन सुजाना, रोदन ठाना,
होइ बालक सुरभूपा ।
यह चरित जे गावहिं, हरिपद पावहिं,
ते न परहिं भवकूपा ॥
दोहा:
बिप्र धेनु सुर संत हित,
लीन्ह मनुज अवतार ।
निज इच्छा निर्मित तनु,
माया गुन गो पार ॥
