चार शनिवार – Chaar Shanivaar -(Vishal Dadlani, Armaan Malik & Badshah)
परिचय
“हफ़्ते में Chaar Shanivaar होने चाहिए” एक ऐसा गीत है जो अपने मज़ेदार बोल और सजीव संगीत के लिए प्रसिद्ध हो गया है। यह गीत आजकल के युवाओं में बेहद लोकप्रिय हो रहा है और सोशल मीडिया पर धूम मचा रहा है।
हफ़्ते में Chaar Shanivaar होने चाहिए इस गीत को मशहूर गीतकार ने लिखा है जिन्होंने अपने सरल और दिलचस्प शब्दों के माध्यम से लोगों के दिलों में जगह बनाई है। उनके अन्य गीत भी इसी प्रकार की लोकप्रियता हासिल कर चुके हैं।

चार शनिवार – Chaar Shanivaar Song Details
- Movie/Album: ऑल इज़ वेल
- Year : 2015
- Music : अमाल मलिक
- Lyrics : शब्बीर अहमद
- Performed : विशाल ददलानी, अरमान मलिक, बादशाह
चार शनिवार – Chaar Shanivaar Lyrics in Hindi
रूल सारे ब्रेक करो
जो कभी ना किया वो करो
पार्टी करने का मूड बने तो
वीकेंड का ना वेट करो
अरे काॅमन ये सबके विचार होने चाहिए
हफ़्ते में चार शनिवार होने चाहिए
हफ़्ते में चार शनिवार होने चाहिए
शनिवार बोले तो सैटरडे, वो भी चार-चार
कभी ऐसा भी हो, सूरज छुट्टी पे हो
घड़ी के काँटे मुट्ठी में हो
इन द लंबी लिमो, फुल-ऑन मस्ती भी हो
साथ में हाॅट ब्यूटी भी हो
अरे स्पीकर का वाॅल्यूम हज़ार होना चाहिए
हफ़्ते में चार शनिवार…
बादशाह:
मैंने कहा पार्टी करो, कहना क्यूँ नहीं मानते
जीने के दिन होते हैं, बस चार इंसान के
शरमाना और घबराना, ये दोनो चीज़ें छोड़ दो
रूल्स और डांस फ्लोर, ये दोनों चीज़ें तोड़ दो
जब ये गाना बजेगा तो ऑटोमैटिकली ही तू डांस करेगा
कान के नीचे दे दूँगा, जो कभी फालतू बकवास करेगा
जिसने पार्टी नहीं करनी
दे कैन गो टू हेल
बच्चन बाॅय इज़ इन द हाउस
बेबी ऑल इज़ वेल, कमाॅन, ऑल इज़ वेल
साल के यार गिन 365 दिन
52 ही शनिवार हैं
कर कैलेंडर को फ्लश, छोड़ दे सारे रश
दिन जवानी के बस चार हैं
वर्ल्डवाइड यही प्रचार होने चाहिए
हफ़्ते में चार शनिवार…
