चाहूँगा मैं तुझे – Chahunga Main Tujhe, Md.Rafi, Dosti
“Chahunga Main Tujhe साँझ सवेरे” एक ऐसा गीत है जो दोस्ती की आत्मा को आवाज़ देता है। मोहम्मद रफ़ी की रूहानी गायकी, लक्ष्मीकांत–प्यारेलाल का दिल छू लेने वाला संगीत और मजरूह सुल्तानपुरी की संवेदनशील कविता, तीनों मिलकर इस गीत को अमर बना देते हैं। यह गीत आज भी सच्ची दोस्ती की मिसाल बनकर लोगों के दिलों में ज़िंदा है।

चाहूँगा मैं तुझे – Chahunga Main Tujhe Song Credits
Movie/Album: दोस्ती (1964)
Music : लक्ष्मीकांत प्यारेलाल
Lyrics : मजरूह सुल्तानपुरी
Singer : मो.रफ़ी
चाहूँगा मैं तुझे – Chahunga Main Tujhe Song Lyrics in Hindi
चाहूँगा मैं तुझे साँझ सवेरे
फिर भी कभी अब नाम को तेरे
आवाज़ मैं न दूँगा, आवाज़ मैं न दूँगा
देख मुझे सब है पता
सुनता है तू मन की सदा
मितवा, मेरे यार तुझको बार-बार
आवाज़ मैं ना दूँगा…
दर्द भी तू, चैन भी तू
दरस भी तू, नैन भी तू
मितवा, मेरे यार तुझको बार-बार
आवाज़ मैं ना दूँगा…
