दर्द के फूल – Dard Ke Phool – Hariharan
हरिहरन की गायकी और ग़ज़ल की दुनिया में उनकी पहचान असाधारण है। उनकी आवाज़ में जो करुणा और गहराई है, वह उन्हें ग़ज़ल गायकों की सूची में सबसे ऊँचे पायदान पर खड़ा करती है। ‘Dard Ke Phool’ ग़ज़ल हरिहरन की उन्हीं विशिष्टताओं का एक बेहतरीन उदाहरण है। इस ग़ज़ल में जॉली मुखर्जी और किशोर शर्मा का संगीत, तथा डॉ. सफ़ी हसन की शायरी ने मिलकर इसे एक अमर कृति बना दिया है।
‘Dard Ke Phool’ ग़ज़ल अपने आप में एक गहरा और संवेदनशील अनुभव है। हरिहरन की मर्मस्पर्शी गायकी, जॉली मुखर्जी और किशोर शर्मा का संजीदा संगीत, और डॉ. सफ़ी हसन की भावनात्मक शायरी मिलकर इसे एक ऐसी कृति बनाते हैं, जो समय के साथ और भी अधिक मूल्यवान होती जाती है।

दर्द के फूल – Dard Ke Phool Song Details…
- Movie/Album: ग़ज़ल
- Year : 1989
- Music By: जॉली मुखर्जी, किशोर शर्मा
- Lyrics By: डाॅ. सफ़ी हसन
- Performed By: हरिहरन
दर्द के फूल – Dard Ke Phool Song Lyrics
दर्द के फूल निगाहों में खिलाने आओ
आओ अब और कोई ज़ख़्म लगाने आओ
दर्द के फूल…
जा के सहराओं में बरसे हो तो मैं क्या जानूॅं
मेरे होठों की कभी प्यास बुझाने आओ
आओ अब…
शहर-ए-जाॅं में कहीं साया है न शबनम है न गुल
कितने बे-कैफ़ से गुज़रे हैं ज़माने आओ
आओ अब…
मैंने माना तुम्हें ख़्वाहिश ही नहीं मिलने की
किसी हसरत किसी उलझन के बहाने आओ
आओ अब…
दर्द के फूल – Dard Ke Phool Song …
