दो दिन का ये मेला – Do Din Ka Ye Mela, Rahul Ram, Tochi Raina, Gulabo Sitabo
“Do Din Ka Ye Mela” फिल्म गुलाबो सिताबो का एक बेहद अर्थपूर्ण और दार्शनिक गीत है, जो जीवन की क्षणभंगुरता और इंसानी लालच पर करारा व्यंग्य करता है। इस गाने में समाज, स्वार्थ, और जीवन के तमाशे को बड़े ही सादगीपूर्ण लेकिन प्रभावशाली शब्दों में पेश किया गया है। फिल्म के थीम की तरह ही यह गाना भी इंसानी स्वभाव और मोह-माया की हकीकत को उजागर करता है – बिल्कुल एक “मेले” की तरह, जो बस दो दिन का है।

दो दिन का ये मेला – Do Din Ka Ye Mela Song Credits
- Movie/Album: गुलाबो सिताबो (2020)
- Music : अनुज गर्ग
- Lyrics : दिनेश पंत
- Singer : राहुल राम, तोची रैना
दो दिन का ये मेला – Do Din Ka Ye Mela Song Lyrics in Hindi
दो दिन का ये मेला है
दो दिन का
दो दिन का ये मेला है
खेला फिर उठ जाना है
अरे दो दिन का ये मेला है
खेला फिर उठ जाना है
आना है, जाना है
जीवन चलते जाना है
हो आना है, जाना है
जीवन चलते जाना है
मिटे ना छप के
शहद सा टपके
मिठे ना छप के
शहद सा टपके
मीठा बोल खज़ाना है
आना है, जाना है
जीवन चलते जाना है
माटी का बर्तन है प्यारे
माटी में मिल जाना है
आना है जाना है…
हवाओं में बहती कहानियाँ हैं
हो, हवाओं में बहती कहानियाँ हैं
भोली मासूम नादानियाँ है
भोर और साँझ के पक्के रंग
पूजा अज़ान दुआओं के संग
घर-घर की छत पे रहता
पंछियों का अब दाना है
आना है जाना है…
