एक सुबह एक मोड़ पर – Ek Subah Ek Mod Par, Yesudas, Hip Hip Hurray
“Ek Subah Ek Mod Par” एक बेहद संवेदनशील और आत्ममंथन से भरा गीत है, जो जीवन, रिश्तों और बिछड़ने के एहसास को बड़ी शांति और गहराई से बयान करता है। इस गीत की सादगी में ही इसकी सबसे बड़ी खूबसूरती छिपी है। वनराज भाटिया का संगीत, गुलज़ार की कवितामय लेखनी और येसुदास की आत्मीय आवाज़ — तीनों मिलकर इस गीत को भावनाओं की एक जीवंत तस्वीर बना देते हैं।

एक सुबह एक मोड़ पर – Ek Subah Ek Mod Par Song Credits
- Movie/Album: हिप हिप हुर्रे (1984)
- Music : वनराज भाटिया
- Lyrics : गुलज़ार
- Singer : येसुदास
एक सुबह एक मोड़ पर – Ek Subah Ek Mod Par Song Lyrics in Hindi
एक सुबह एक मोड़ पर
मैंने कहा उसे रोक कर
हाथ बढ़ा ऐ ज़िन्दगी
आँख मिला के बात कर
रोज़ तेरे जीने के लिये
एक सुबह मुझे मिल जाती है
मुरझाती है कोई शाम अगर
तो रात कोई खिल जाती है
मैं रोज़ सुबह तक आता हूँ
और रोज़ शुरू करता हूँ सफ़र
हाथ बढ़ा ऐ ज़िंदगी…
तेरे हज़ारों चेहरों में
एक चेहरा है मुझसे मिलता है
आँखों का रंग भी एक सा है
आवाज़ का अंग भी मिलता है
सच पूछो तो हम दो जुड़वा हैं
तू शाम मेरी मैं तेरी सहर
हाथ बढ़ा ऐ ज़िन्दगी…
