फंसी भंवर में थी मेरी नैया – Fansi Bhanwar Me Thi Meri Naiya, Uma Lahari
“Fansi Bhanwar Me Thi Meri Naiya” न केवल एक भजन है, बल्कि यह भक्ति और विश्वास की एक जीवंत कथा है। उमा लहरी की मधुर आवाज़ और भजन के अर्थों की गहराई श्रोताओं को यह अनुभूति कराते हैं कि श्रीकृष्ण हर संकट में अपने भक्तों का हाथ थामते हैं। यह भजन सुनने के बाद मन में यही भाव उठता है – “जब-जब जीवन में अंधकार छाया, तब-तब श्रीकृष्ण ही दीपक बने।”

फंसी भंवर में थी मेरी नैया – Fansi Bhanwar Me Thi Meri Naiya Bhajan Credits
- Singer: Uma Lahari
- Starring: Jagpal Boparia, Bittu Rana, Avish K
- Lyrics: CS Lahari Music: Bawa Gulzar
फंसी भंवर में थी मेरी नैया – Fansi Bhanwar Me Thi Meri Naiya Bhajan Lyrics
फंसी भंवर में थी मेरी नैया,
चलाई तूने तो चल पड़ी है ।
पड़ी जो सोई थी मेरी किस्मत,
पड़ी जो सोई थी मेरी किस्मत,
वो मौज करने निकल पड़ी है ॥
फंसी भंवर में थी मेरी नैया,
चलाई तूने तो चल पड़ी है।
भरोसा था मुझको मेरे बाबा,
यकीन था तेरी रहमतों पे ।
था बैठा चोखट पे तेरी कब से,
था बैठा चोखट पे तेरी कब से,
निगाहें निर्धन पे अब पड़ी है ॥
फंसी भंवर में थी मेरी नैया,
चलाई तूने तो चल पड़ी है ।
सजाऊँ तुझको निहारूँ तुझको,
पखारूँ चरणों को मैं श्याम तेरे ।
मैं नाचूँ बनकर के मोर बाबा,
मैं नाचूँ बनकर के मोर बाबा,
ये भावनाएं मचल पड़ी है ॥
फंसी भंवर में थी मेरी नैया,
चलाई तूने तो चल पड़ी है ।
हँसे या कुछ भी कहे जमाना,
जो रूठे तो कोई गम नही है ।
मगर जो रूठा तू बाबा मुझसे,
मगर जो रूठा तू बाबा मुझसे,
बहेगी अश्को की ये झड़ी है ॥
फंसी भंवर में थी मेरी नैया,
चलाई तूने तो चल पड़ी है ।
फंसी भंवर में थी मेरी नैया,
चलाई तूने तो चल पड़ी है ।
पड़ी जो सोई थी मेरी किस्मत,
पड़ी जो सोई थी मेरी किस्मत,
वो मौज करने निकल पड़ी है ॥
फंसी भंवर में थी मेरी नैया,
चलाई तूने तो चल पड़ी है ।
