घूँघट की आड़ से – Ghoonghat Ki Aad Se, Kumar Sanu, Alka Yagnik, Hum Hain Rahi Pyar Ke
“Ghoonghat Ki Aad Se दिलबर का…” हिंदी फिल्म संगीत का एक क्लासिक रोमांटिक गीत है। यह गीत कुमार सानू की मीठी आवाज़, अलका याग्निक की नज़ाकत, नदीम–श्रवण के सिग्नेचर रोमांटिक सुर और समीर की सरल शायरी सबको एक खूबसूरत लय में जोड़ देता है। जब भी दिल को पुरानी मोहब्बत की खुशबू चाहिए हो, यह गाना एकदम सही साथी है।

घूँघट की आड़ से – Ghoonghat Ki Aad Se Song Credits
- Movie/Album: हम हैं राही प्यार के (1993)
- Music : नदीम-श्रवण
- Lyrics : समीर
- Singer : कुमार सानू, अलका याग्निक
घूँघट की आड़ से – Ghoonghat Ki Aad Se Song Lyrics in Hindi
घूँघट की आड़ से दिलबर का
दीदार अधूरा रहता है
जब तक ना पड़े, आशिक़ की नज़र
सिंगार अधूरा रहता है
घूँघट की आड़ से दिलबर का
घूँघट की आड़ से दिलबर का
दीदार अधूरा रहता है
जब तक ना मिले, नज़रों से नज़र
इक़रार अधूरा रहता है
घूँघट की आड़ से दिलबर का
गोरे मुखड़े से घूँघटा हटाने दे
घड़ी अपने मिलन की तो आने दे
मेरे दिल पे नहीं मेरा काबू है
कुछ नहीं ये चाहत का जादू है
बढ़ती ही जाती हैं सनम प्यार की ये बेखुदी हो
दो प्रेमियों के ना मिलने से
संसार अधूरा रहता है
जब तक ना पड़े…
बाग में गुल का खिलना ज़रूरी है
हाँ मोहब्बत में मिलना ज़रूरी है
पास आने का अच्छा बहाना है
क्या करूं मैं कि मौसम दीवाना है
दिल मेरा धड़काने लगी अब तो ये दीवानगी हो
बिना किसी यार के जान-ए-जां
ये प्यार अधूरा रहता है
जब तक न मिले…
