हाजीपुर केलवा महँग भेल – Hajipur Kelva Mahang Bhail – Anuradha Paudwal, Ajit Kumar Akela
“Hajipur Kelva Mahang Bhail” छठ पूजा के अवसर पर गाया जाने वाला एक लोकप्रिय गीत है। यह गीत खासकर बिहार के क्षेत्रों में बहुत प्रसिद्ध है, जहां छठ पर्व का आयोजन बड़े ही धूमधाम और श्रद्धा से किया जाता है। हाजीपुर, बिहार का एक प्रमुख स्थान है, और इस गीत में हाजीपुर के बाजार में पूजा के सामान, विशेषकर केलवा (केले), के बढ़ते दाम का संदर्भ है। इस गीत के माध्यम से छठ पूजा की तैयारियों और उसमें आने वाली चुनौतियों का हल्का-फुल्का लेकिन भावनात्मक चित्रण किया गया है।

हाजीपुर केलवा महँग भेल – Hajipur Kelva Mahang Bhail Song Credits
- Chhath Pooja Songs: Hajipur Kelva Mahang Bhail
- Album: Bahangi Chhath Mayee Ke Jaay
- Singer: Anuradha Paudwal, Ajit Kumar Akela
- Composer: Surinder Kohli
- Lyrics: Traditional
- Music Label: T-Series
हाजीपुर केलवा महँग भेल – Hajipur Kelva Mahang Bhail Lyrics
हाजीपुर केलवा महँग भेल हे धनिया
छोड़ी देहु आहे धनि छठी रे वरतिया
हाजीपुर नारियल महँग भेल हे धनिया
छोड़ी देहु आहे धनि छठी रे वरतिया
हम कैसे छोड़ब प्रभु छठी रे वरतिया
हम कैसे छोड़ब प्रभु छठी रे वरतिया
छठी रे वरतिया मोरा प्राण के अधरबा
छठी रे वरतिया मोरा प्राण के अधरबा
छठी रे वरतिया मोरा अवध सेनोरबा
छठी रे वरतिया मोरा अवध सेनोरबा
दउरा गोल सुपवा महँग भेल हे धनिया
कोरवा गेहुंअवा महँग भेल हे धनिया
छोड़ी देहु आहे धनि छठी रे वरतिया
हम नहीं छोड़ब प्रभु छठी रे वरतिया
छठिया करइते बढ़ल कुल परिबरवा
छठी रे वरतिया मोरा प्राण के अधरबा
हम कैसे छोड़ब प्रभु छठी रे वरतिया
छठी रे वरतिया देल गोदी के बलकबा
अन धन लक्ष्मी बढ़ल नैहर ससुरवा
हाजीपुर केलवा महँग भेल हे धनिया
छोड़ी देहु आहे धनि छठी रे वरतिया
हम नहीं छोड़ब प्रभु छठी रे वरतिया
