Hajipur Kelva Mahang Bhail

“Hajipur Kelva Mahang Bhail” छठ पूजा के अवसर पर गाया जाने वाला एक लोकप्रिय गीत है। यह गीत खासकर बिहार के क्षेत्रों में बहुत प्रसिद्ध है, जहां छठ पर्व का आयोजन बड़े ही धूमधाम और श्रद्धा से किया जाता है। हाजीपुर, बिहार का एक प्रमुख स्थान है, और इस गीत में हाजीपुर के बाजार में पूजा के सामान, विशेषकर केलवा (केले), के बढ़ते दाम का संदर्भ है। इस गीत के माध्यम से छठ पूजा की तैयारियों और उसमें आने वाली चुनौतियों का हल्का-फुल्का लेकिन भावनात्मक चित्रण किया गया है।

हाजीपुर केलवा महँग भेल
Hajipur Kelva Mahang Bhail
  • Chhath Pooja Songs: Hajipur Kelva Mahang Bhail
  • Album: Bahangi Chhath Mayee Ke Jaay
  • Singer: Anuradha Paudwal, Ajit Kumar Akela
  • Composer: Surinder Kohli
  • Lyrics: Traditional
  • Music Label: T-Series

हाजीपुर केलवा महँग भेल हे धनिया

छोड़ी देहु आहे धनि छठी रे वरतिया

हाजीपुर नारियल महँग भेल हे धनिया

छोड़ी देहु आहे धनि छठी रे वरतिया

हम कैसे छोड़ब प्रभु छठी रे वरतिया

हम कैसे छोड़ब प्रभु छठी रे वरतिया

छठी रे वरतिया मोरा प्राण के अधरबा

छठी रे वरतिया मोरा प्राण के अधरबा

छठी रे वरतिया मोरा अवध सेनोरबा

छठी रे वरतिया मोरा अवध सेनोरबा

दउरा गोल सुपवा महँग भेल हे धनिया

कोरवा गेहुंअवा महँग भेल हे धनिया

छोड़ी देहु आहे धनि छठी रे वरतिया

हम नहीं छोड़ब प्रभु छठी रे वरतिया

छठिया करइते बढ़ल कुल परिबरवा

छठी रे वरतिया मोरा प्राण के अधरबा

हम कैसे छोड़ब प्रभु छठी रे वरतिया

छठी रे वरतिया देल गोदी के बलकबा

अन धन लक्ष्मी बढ़ल नैहर ससुरवा

हाजीपुर केलवा महँग भेल हे धनिया

छोड़ी देहु आहे धनि छठी रे वरतिया

हम नहीं छोड़ब प्रभु छठी रे वरतिया

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top