हज़ार ख़्वाब हक़ीक़त – Hazar Khwaab Haqeeqat, Asha Bhosle, Mahendra Kapoor, Insaf Ka Tarazu
Hazar Khwaab Haqeeqat यह गीत अपने गहन बोलों और भावपूर्ण संगीत के लिए जाना जाता है। साहिर लुधियानवी ने इसमें सपनों, सच्चाइयों और जीवन की उलझनों को बेहद खूबसूरती से शब्दों में पिरोया है। रविन्द्र जैन का संगीत गीत की गंभीरता और भावनाओं को और गहराई देता है। आशा भोसले और महेंद्र कपूर की सशक्त व सुरीली आवाज़ें इस गीत को भावनात्मक और प्रभावशाली बनाती हैं।

हज़ार ख़्वाब हक़ीक़त – Hazar Khwaab Haqeeqat Song Credits
- Movie/Album: इन्साफ का तराज़ू (1980)
- Music : रविन्द्र जैन
- Lyrics : साहिर लुधियानवी
- Singers : आशा भोसले, महेंद्र कपूर
हज़ार ख़्वाब हक़ीक़त – Hazar Khwaab Haqeeqat Song Lyrics in Hindi
हज़ार ख़्वाब हक़ीक़त का रूप ले लेंगे
मगर ये शर्त है तुम मुस्कुरा के हाँ कह दो
मोहब्बतों में ही दोनों का एक ही मतलब
अदा से ना कहो या मुस्कुरा के हाँ कह दो
हज़ार ख़्वाब हक़ीक़त…
हज़ार ख़्वाब बहारों के और सितारों के
तुम्हारे साथ मेरी ज़िन्दगी में आए हैं
तुम्हारी बाहों के झूले में झूलने के लिए
मचल-मचल के मेरे अंग गुनगुनाये हैं
ये सारे शौक, सारे शौक
ये सारे शौक सदाक़त का रूप ले लेंगे
मगर ये शर्त है तुम मुस्कुरा के हाँ कह दो
हज़ार ख़्वाब हक़ीक़त…
भरेगी मांग तुम्हारी वो दिन भी क्या होगा
सजेगी सेज हवाओं की साँस महकेगी
तुम अपने साथ से सरकाओगे मेरा आँचल
अजीब आग मेरे तन-बदन में दहकेगी
ये सारे शौक सारे शौक…
मैं अपनी जुल्फों के साए बिछाऊँगी तुम पर
मैं तुमपे अपनी जवाँ धड़कनें लुटाऊँगा
मैं सुबह तुमको जगाऊँगी लब पे लब रख कर
मैं तुमको भींच के कुछ और पास लाऊँगा
ये सारे शौक सारे शौक…
