हे गणनायक सब सुखदायक, करो विघ्न सब दूर – Hey Gannayak Sab Sukh Dayak Karo Vigan Sab Dur
“Hey Gannayak Sab Sukh Dayak Karo Vigan Sab Dur” एक बेहद लोकप्रिय और भक्तिमय भजन है, जिसे गायक पी.आर. स्वामी ने अपनी दिव्य आवाज़ में प्रस्तुत किया है। यह भजन भगवान गणेश की महिमा का गुणगान करता है और उनकी कृपा से सभी विघ्नों के नाश की प्रार्थना करता है। गणपति बप्पा को विघ्नहर्ता और मंगलकर्ता कहा जाता है, और यह भजन उन्हीं की इस दिव्यता को उजागर करता है।

हे गणनायक सब सुखदायक, करो विघ्न सब दूर – Hey Gannayak Sab Sukh Dayak Karo Vigan Sab Dur Bhajan Credits
- Song: He Gan Nayak Sab Sukhdayak
- Singer: P.R. Swami
- Lyrics & Music: P.R. Swami
हे गणनायक सब सुखदायक, करो विघ्न सब दूर – Hey Gannayak Sab Sukh Dayak Karo Vigan Sab Dur Bhajan Lyrics
हे गणनायक सब सुखदायक,
करो विघ्न सब दूर,
शरण तेरी आए है ॥
रणत भवर गढ़ वास करो,
रिद्धि सिद्धि भंडार भरो,
प्रथम निमंत्रण स्वीकारो,
अटके कारज सिद्ध करो,
शिव गिरजा के कुंवर लाड़ला,
शिव गिरजा के कुंवर लाड़ला,
आस हमारी पुर,
शरण तेरी आए है,
हे गण नायक सब सुख दायक,
करो विघ्न सब दूर,
शरण तेरी आए है ॥
स्वर्ण छत्र सिर पर धारी,
शोभित मुकुट छटा न्यारी,
चमक रह्या कुण्डल भारी,
मणि माला लागे प्यारी,
रत्न जड़ित पहने पैंजनिया,
रत्न जड़ित पहने पैंजनिया,
नैनन बरसे नूर,
शरण तेरी आए है,
हे गण नायक सब सुख दायक,
करो विघ्न सब दूर,
शरण तेरी आए है ॥
मखमल वस्त्र बदन सोहे,
कुमकुम तिलक नयन मोहे,
माँ जगदम्बा लाड़ करे,
ठुमक ठुमक कर नृत्य करे,
सुर किन्नर यश गान सुनावे,
सुर किन्नर यश गान सुनावे,
दर्शन दो भरपूर,
शरण तेरी आए है,
हे गण नायक सब सुख दायक,
करो विघ्न सब दूर,
शरण तेरी आए है ॥
मूषक वाहन है तेरा,
सूंड निराली सोहे है,
ऐसा अनुपम रूप तेरा,
देखत ही मन मोहे है,
बुद्धि बल से सब देवन का,
बुद्धि बल से सब देवन का,
किया मान मद चूर,
शरण तेरी आए है,
हे गण नायक सब सुख दायक,
करो विघ्न सब दूर,
शरण तेरी आए है ॥
हे गणनायक सब सुखदायक,
करो विघ्न सब दूर,
शरण तेरी आए है ॥
