होंठ गुलाबी गाल कटोरे – Honth Gulabi Gaal Katore, Md.Rafi, Asha Bhosle, Ghar Sansar
“Honth Gulabi Gaal Katore” एक ऐसा गीत है जो 1950 के दशक के हिंदी सिनेमा की मासूमियत, रोमांस और हास्य का सुंदर मिश्रण प्रस्तुत करता है। मजरूह सुल्तानपुरी के चुटीले बोल, रवि के मधुर संगीत और मोहम्मद रफ़ी व आशा भोंसले की जुगलबंदी इस गीत को कालजयी बनाते हैं।

होंठ गुलाबी गाल कटोरे – Honth Gulabi Gaal Katore Song Credits
- Movie/Album: घर संसार (1958)
- Music By: रवि
- Lyrics : मजरूह सुल्तानपुरी
- Singers : मोहम्मद रफ़ी, आशा भोंसले
होंठ गुलाबी गाल कटोरे – Honth Gulabi Gaal Katore Song Lyrics in Hindi
होंठ गुलाबी, गाल कटोरे
नैना सुरमेदार
हो मैं सदके जावाँ
प्यार के दुबले, हाल के पतले
मजनूँ की संतान
होय मैं सदके जावाँ…
होंठ गुलाबी, गाल कटोरे…
देखे ज़माने भर के हसीं, लेकिन तेरी बात है और
आशिक तो देखे हैं कई, लेकिन तेरी ज़ात है और
नाम न जाने, गाँव न जाने
फिर भी लिया पहचान
होय मैं सदके जावाँ…
प्यार में तेरे जलता है दिल, आती ही रहना मेरी गली
जलता है दिल मेरे ठेंगे से, छोड़ दिया चल मैं तो चली
मर नहीं जाऊँ, सड़ नहीं जाऊँ
कहना मेरा मान
होय मैं सदके जावाँ…
ले के चलूँ थाने में तुझे, ऐसे न कर मजबूर मुझे
तेरे लिए ओ जान-ए-जिगर, जेल भी है मंज़ूर मुझे
बोले है बढ़ के, डोले अकड़ के
चिड़िया जैसी चाल
होय मैं सदके जावाँ…
