हम पंछी एक डाल के – Hum Panchhi Ek Daal Ke, Md.Rafi, Asha Bhosle
“Hum Panchhi Ek Daal Ke” एक ऐसा पवित्र, मासूम और दिल को छू लेने वाला गीत है जो बच्चों की दुनिया की सरलता, स्नेह और एकता का संदेश देता है। दत्ता नाइक का सहज संगीत, प्यारेलाल संतोषी के सार्थक बोल और रफ़ी–आशा जी की मधुर आवाज़. ये तीनों मिलकर इस गीत को भारतीय सिनेमा के सदाबहार बालगीतों में शामिल करते हैं।

हम पंछी एक डाल के – Hum Panchhi Ek Daal Ke Song Credits
- Movie/Album: हम पंछी एक डाल के (1957)
- Music : दत्ता नाइक
- Lyrics : प्यारेलाल संतोषी
- Singers : मोहम्मद रफ़ी, आशा भोंसले
हम पंछी एक डाल के – Hum Panchhi Ek Daal Ke Song Lyrics in Hindi
अरे हम पंछी एक डाल के एक डाल के
एक डाल के
अरे हम पंछी एक डाल के एक डाल के
एक डाल के
संग संग डोलें जी संग संग डोलें
बोली अपनी अपनी बोलें
जी बोलें जी बोलें
संग संग डोलें जी संग संग डोलें
हम पंछी एक डाल के…
दिन के झगड़े दिन को भूले
रातों को सपनों में हम झूले
धरती बिछौना नीली चदरिया
मीठी नींदे सो लें जी सो लें सो लें
संग संग डोले…
आशा भोंसले
पूरब है फिर देने वाला
सारी दुनिया को उजियाला
चलो बंधुओं उड़ कर जाएँ
द्वार गगन के खोलें
जी खोलें, जी खोलें, जी खोलें
संग-संग डोलें…
उठ ण सके जो अब तक सो के
पा न सके जो सब कुछ खो के
उनके जीवन हम वापस
नव जीवन रस घोलें
जी घोलें, जी घोलें
संग-संग डोलें…
