हम तुमसे जुदा हो के – Hum Tumse Juda Hoke, Md.Rafi, Ek Sapera Ek Lutera
“Hum Tumse Juda Hoke” केवल एक विरह गीत नहीं, बल्कि एक टूटे हुए दिल की पुकार है। मोहम्मद रफ़ी की आवाज़, असद भोपाली की शायरी और लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल का संगीत तीनों मिलकर इस गीत को अमर बना देते हैं। यह गाना उन लम्हों का साथी है जब दिल अकेला हो और आंखें नम।

हम तुमसे जुदा हो के – Hum Tumse Juda Hoke Song Credits
- Movie/Album: एक सपेरा एक लुटेरा (1965)
- Music : उषा खन्ना
- Lyrics : असद भोपाली
- Singers : मो.रफ़ी
हम तुमसे जुदा हो के – Hum Tumse Juda Hoke Song Lyrics in Hindi
हम तुमसे जुदा हो के
मर जाएँगे रो-रो के
दुनिया बड़ी ज़ालिम है, दिल तोड़ के हँसती है
इक मौज किनारे से, मिलने को तरसती है
कह दो न कोई रोके, कह दो न कोई रोके
हम तुमसे जुदा…
सोचा था कभी दो दिल, मिलकर न जुदा होंगे
मालूम न था हम यूँ, नाक़ाम-ए-वफ़ा होंगे
किस्मत ने दिए धोखे, किस्मत ने दिए धोखे
हम तुमसे जुदा…
वादे नहीं भूलेंगे, कसमें नहीं तोड़ेंगे
ये तय है कि हम दोनों, मिलना नहीं छोड़ेंगे
जो रोक सके रोके, जो रोक सके रोके
हम तुमसे जुदा…
