हुस्न को चाँद जवानी को – Husn Ko Chand Jawani Ko -Hariharan
गीत का परिचय
1984 में रिलीज़ हुआ गीत ‘Husn Ko Chand Jawani Ko’ हरिहरन की आवाज़ और क़तील शिफ़ाई के शायराना बोलों का अद्भुत संगम है। हरिहरन, जो भारतीय संगीत के प्रख्यात गायक हैं, ने इस गीत में अपनी मोहक आवाज़ से जान डाल दी है, वहीं क़तील शिफ़ाई की शायरी ने इस गीत को एक अलग ही स्तर पर पहुंचा दिया है। इस गीत का संगीत भी स्वयं हरिहरन द्वारा ही तैयार किया गया है, जो प्रेम और मोहब्बत की भावना को खूबसूरती से उभारता है।

हुस्न को चाँद जवानी को – Husn Ko Chand Jawani Ko Song Details…
- Movie/Album: सुकून
- Year : 1984
- Music By: हरिहरन
- Lyrics By: क़तील शिफ़ाई
- Performed By: हरिहरन
हुस्न को चाँद जवानी को – Husn Ko Chand Jawani Ko Lyrics in Hindi
हुस्न को चाँद जवानी को कॅंवल कहते हैं
उनकी सूरत नज़र आए तो ग़ज़ल कहते हैं
हुस्न को चाँद
उफ्फ वो मरमर से तराशा हुआ शफ़्फ़ाफ़ बदन
देखने वाले उसे ताज महल कहते हैं
उनकी सूरत…
पड़ गई पाॅंव में तक़दीर की ज़ंजीर तो क्या
हम तो उसको भी तेरी ज़ुल्फ़ का बल कहते हैं
उनकी सूरत…
मुझको मालूम नहीं इसके सिवा कुछ भी ‘क़तील’
जो सदी वस्ल में गुज़रे उसे पल कहते हैं
उनकी सूरत…
