इन्साफ की डगर पे – Insaaf Ki Dagar Pe, Hemant Kumar, Ganga Jumna
“Insaaf Ki Dagar Pe” केवल एक गीत नहीं, बल्कि एक नैतिक शिक्षा है, जो आज भी बच्चों के लिए उतनी ही प्रासंगिक है जितनी 1961 में थी। हेमंत कुमार की आवाज़, शकील बदायूंनी की रचनात्मकता और नौशाद का मधुर संगीत – इन तीनों ने मिलकर इसे भारतीय फिल्म संगीत के इतिहास में एक अमर गीत बना दिया है।

इन्साफ की डगर पे – Insaaf Ki Dagar Pe Song Credits
- Movie/Album: गंगा जमुना (1961)
- Music By: नौशाद अली
- Lyrics : शकील बदायुनी
- Singers : हेमंत कुमार
इन्साफ की डगर पे – Insaaf Ki Dagar Pe Song Lyrics in Hindi
इन्साफ की डगर पे, बच्चों दिखाओ चल के
ये देश है तुम्हारा, नेता तुम्हीं हो कल के
इन्साफ की डगर पे…
दुनिया के रंज सहना और कुछ ना मुँह से कहना
सच्चाईयों के बल पे, आगे को बढ़ते रहना
रख दोगे एक दिन तुम, संसार को बदल के
इन्साफ की डगर पे…
अपने हों या पराए, सबके लिए हो न्याय
देखो कदम तुम्हारा, हरगिज़ ना डगमगाए
रस्ते बड़े कठिन हैं, चलना संभल-संभल के
इन्साफ की डगर पे…
इन्सानियत के सर पे, इज्ज़त का ताज रखना
तन-मन की भेंट देकर, भारत की लाज रखना
जीवन नया मिलेगा, अंतिम चिता में जल के
इन्साफ की डगर पे…
