जय जय सुरनायक जन सुखदायक – Jai Jai Surnayak Jan Sukhdayak Prantpal Bhagvant, Pandit Gaurangi Gauri Ji
श्रीराम के भजन भारतीय भक्तिभाव और आध्यात्मिकता के प्रतीक हैं। “Jai Jai Surnayak Jan Sukhdayak Prantpal” ऐसा ही एक भजन है जो भगवान श्रीराम की महिमा का गुणगान करता है। इस भजन को गाया है प्रसिद्ध गायिका पंडित गौरांगी गौरी जी ने। उनकी मधुर और भावपूर्ण आवाज़ में यह भजन हर भक्त के दिल को छू जाता है।

जय जय सुरनायक जन सुखदायक – Jai Jai Surnayak Jan Sukhdayak Prantpal Bhagvant Bhajan Credits
- Song : Jay Jay Surnayak
- Singer : Pandit Gaurangi Gauri Ji
- Lyrics : Traditional
- Music : Raju Baba
जय जय सुरनायक जन सुखदायक – Jai Jai Surnayak Jan Sukhdayak Prantpal Bhagvant Bhajan Lyrics
छंद:
जय जय सुरनायक जन सुखदायक प्रनतपाल भगवंता ।
गो द्विज हितकारी जय असुरारी सिधुंसुता प्रिय कंता ॥
पालन सुर धरनी अद्भुत करनी मरम न जानइ कोई ।
जो सहज कृपाला दीनदयाला करउ अनुग्रह सोई ॥
जय जय अबिनासी सब घट बासी ब्यापक परमानंदा ।
अबिगत गोतीतं चरित पुनीतं मायारहित मुकुंदा ॥
जेहि लागि बिरागी अति अनुरागी बिगतमोह मुनिबृंदा ।
निसि बासर ध्यावहिं गुन गन गावहिं जयति सच्चिदानंदा ॥
जेहिं सृष्टि उपाई त्रिबिध बनाई संग सहाय न दूजा ।
सो करउ अघारी चिंत हमारी जानिअ भगति न पूजा ॥
जो भव भय भंजन मुनि मन रंजन गंजन बिपति बरूथा ।
मन बच क्रम बानी छाड़ि सयानी सरन सकल सुर जूथा ॥
सारद श्रुति सेषा रिषय असेषा जा कहुँ कोउ नहि जाना ।
जेहि दीन पिआरे बेद पुकारे द्रवउ सो श्रीभगवाना ॥
भव बारिधि मंदर सब बिधि सुंदर गुनमंदिर सुखपुंजा ।
मुनि सिद्ध सकल सुर परम भयातुर नमत नाथ पद कंजा ॥
दोहा:
जानि सभय सुरभूमि सुनि बचन समेत सनेह ।
गगनगिरा गंभीर भइ हरनि सोक संदेह ॥
