कहाँ हूँ मैं – Kahan Hoon Main, Jonita Gandhi, Highway
Kahan Hoon Main यह गीत आत्म-खोज और आंतरिक आज़ादी की यात्रा को दर्शाता है। गीत में नायिका यह महसूस करती है कि वह अब पहले जैसी नहीं रही वह अपने भीतर एक नए अस्तित्व को पहचानने की कोशिश कर रही है। “कहाँ हूँ मैं” का सवाल केवल स्थान का नहीं, बल्कि स्वयं की पहचान का है एक ऐसी तलाश जिसमें व्यक्ति अपने डर, सीमाओं और दर्द से निकलकर खुद को पाने की कोशिश करता है।

कहाँ हूँ मैं – Kahan Hoon Main Song Credits
- Movie/Album: हाईवे (2014)
- Music : ए.आर.रहमान
- Lyrics : इरशाद कामिल
- Singer : जोनिता गाँधी
कहाँ हूँ मैं – Kahan Hoon Main Song Lyrics in Hindi
कहाँ हूँ मैं
कहाँ हूँ मैं अब
आहें, डर, खुशी, रास्ते
कच्ची बातें, सच्चे वास्ते
कहीं पे इन सब में
कहाँ हूँ मैं
मैंने भी तो आना था इसी तरफ
मेरी भी तो राहें हैं यहीं कहीं
उलझनों के दो राहें
रास्तों की ये बाहें
आते-जाते पूछती, मैं कहाँ
कहाँ हूँ मैं…
ऊनी ऊनी बादल में गयी सिमट
जैसे मैं हूँ जाड़ों की हवा कोई
सोचूं ना क्या पीछे है
देखूँ ना जो आगे है
मन ये मेरा पूछता, मैं कहाँ
कहाँ हूँ मैं…
यादें अब ज़मीन, ख्वाहिशें
पक्की चाहत, कच्ची कोशिशें
कहीं पे इन सब में
कहाँ हूँ मैं
