ख़्वाबों के परिन्दे – Khaabon Ke Parinday, Mohit, Alyssa, Zindagi Na Milegi Dobara
Khaabon Ke Parinday गाना हर उस इंसान को प्रेरित करता है, जो अपने सपनों को पंख देना चाहता है। यह गाना मोहित चौहान और ऐलिसा मेंडोंसा की सुरीली आवाज़, शंकर-एहसान-लॉय के मधुर संगीत, और जावेद अख्तर के गहरे बोलों का बेमिसाल संगम है। यह गीत न केवल सुनने वालों को सुकून देता है, बल्कि ज़िंदगी को एक नई दिशा में देखने की प्रेरणा भी देता है।

ख़्वाबों के परिन्दे – Khaabon Ke Parinday Song Credits
- Movie/Album: ज़िन्दगी न मिलेगी दोबारा (2011)
- Music By: शंकर-एहसान -लॉय
- Lyrics By: जावेद अख्तर
- Singer : मोहित चौहान, ऐलिसा मेंडोंसा
ख़्वाबों के परिन्दे – Khaabon Ke Parinday Lyrics in Hindi
उड़े, खुले आसमाँ में ख़्वाबों के परिन्दे
उड़े, दिल के जहां में ख़्वाबों के परिन्दे
ओहो, क्या पता जाएँगे कहाँ
खुले हैं जो पल, कहे ये नज़र
लगता है अब है जागे हम
फिक्रें जो थी, पीछे रह गईं
निकले उनसे आगे हम
हवा में बह रही है ज़िन्दगी
ये हम से कह रही है ज़िन्दगी
ओ हो अब तो
जो भी हो सो हो
उड़े खुले आसमाँ…
किसी ने छुआ तो ये हुआ
फिरते हैं महके-महके हम
हुई है कहीं बातें नयी
जब हैं ऐसे बहके हम
हुआ है यूँ के दिल पिघल गए
बस एक पल में हम बदल गए
ओ हो अब तो
जो भी हो सो हो
रौशनी मिली
अब राहों में है इक दिलकशी सी बरसी
हर ख़ुशी मिली
अब ज़िन्दगी पे है ज़िन्दगी सी बरसी
अब जीना हम ने सीखा है
याद है कल, आया था वो पल
जिस में जादू ऐसा था
हम हो गए जैसे नए
वो पल जाने कैसा था
कहे ये दिल के जा उधर भी तू
जहाँ भी ले के जाए आरज़ू
ओ हो अब तो
जो भी हो सो हो
उड़े…
