ख़ुदा भी – Khuda Bhi, Mohit Chauhan, Ek Paheli Leela
“Khuda Bhi” एक रूमानी और भावनात्मक गीत है जो प्रेम की गहराई को आध्यात्मिक ऊंचाई तक पहुंचा देता है। मनोज मुंतशिर के बोलों में इश्क़ की वह तासीर है जो प्रेम को खुदा के बराबर ला खड़ा करता है। मोहित चौहान की मखमली आवाज़ ने इस गीत को आत्मा की गहराइयों तक पहुँचा दिया है। संगीतकार अमजद-नदीम ने इसे एक सूफियाना रोमांस के रूप में सजाया है, जो दिल और रूह दोनों को छू जाता है।

ख़ुदा भी – Khuda Bhi Song Credits
- Movie/Album: एक पहेली लीला (2015)
- Music : टोनी कक्कड़
- Lyrics : मनोज मुंतशिर
- Singer : मोहित चौहान
ख़ुदा भी – Khuda Bhi Song Lyrics in Hindi
ख़ुदा भी जब तुम्हें मेरे पास देखता होगा
इतनी अनमोल चीज़ दे दी कैसे, सोचता होगा
तू बेमिसाल है, तेरी क्या मिसाल दूँ
आसमां से आई है, ये ही कह के टाल दूँ
फिर भी कोई जो पूछे, क्या है तू कैसी है
हाथों में रंग ले के, हवा में उछाल दूँ
ख़ुदा भी…
जो भी ज़मीं तेरे पाँव तले आए
कदमों से छू के वो आसमां हो जाए
तेरे आगे फीके-फीके सारे श्रिंगार हैं
मैं तो क्या फरिश्ते भी तुझपे निसार हैं
गरमी की शाम है तू, जाड़ों की धूप है
जितने भी मौसम हैं, तेरे कर्ज़दार है
ख़ुदा भी…
चेहरा है या जादू, रूप है या ख्वाब है
आँखें हैं या अफसाना, जिस्म या किताब है
आजा तुझे मैं पढ़ लूँ, दिल में उतार लूँ
होठों से देखूँ तुझे, आँखों से पुकार लूँ
ख्वाहिशें ये कहती हैं, कहती रहती हैं
ले के तुझे बाहों में, शामें गुज़ार लूँ
ख़ुदा भी…
