Khush Rahe Ya Bahut Udaas

खुश रहे या बहुत उदास – Khush Rahe Ya Bahut Udaas, Jagjit Singh, Ghazal

Khush Rahe Ya Bahut Udaas” एक ऐसी ग़ज़ल है जिसे सुनना नहीं, महसूस करना पड़ता है। बशीर बद्र के अल्फ़ाज़ और जगजीत सिंह की आवाज़ मिलकर इस रचना को अमर बना देते हैं। अगर आप शायरी और ग़ज़लों के प्रेमी हैं, तो यह ग़ज़ल आपके जज़्बातों की ज़बान बन सकती है।

खुश रहे या बहुत उदास
Khush Rahe Ya Bahut Udaas

खुश रहे या बहुत उदास – Khush Rahe Ya Bahut Udaas Ghzal Credits

  • Movie/Album: तुम तो नहीं हो (2005)
  • Music By: जगजीत सिंह
  • Lyrics : बशीर बद्र
  • Singer : जगजीत सिंह

खुश रहे या बहुत उदास – Khush Rahe Ya Bahut Udaas Ghazal Lyrics

खुश रहे या बहुत उदास रहे
ज़िन्दगी तेरे आस-पास रहे
खुश रहे या बहुत उदास…

आज हम सबके साथ खूब हँसे
और फ़िर देर तक उदास रहे
ज़िन्दगी तेरे आस-पास रहे
खुश रहे या बहुत उदास..

रात के रास्ते भी रौशन हो
हाथ में चाँद का गिलास रहे

आदमी के लिए ज़रूरी है
कोई उम्मीद कोई आस रहे
ज़िन्दगी तेरे आस-पास रहे
खुश रहे या बहुत उदास…

खुश रहे या बहुत उदास – Khush Rahe Ya Bahut Udaas Ghazal

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