किसी पत्थर की मूरत से – Kisi Patthar Ki Moorat Se, Mahendra Kapoor, Hamraaz
“Kisi Patthar Ki Moorat Se” एक अत्यंत भावनात्मक और मार्मिक गीत है, जो प्रेम, पीड़ा और टूटे हुए दिल की गहराइयों को छूता है। इस गीत को गाया है महेंद्र कपूर ने, जिसे संगीतबद्ध किया है रवि ने और इसके बोल लिखे हैं हिंदी सिनेमा के मशहूर शायर साहिर लुधियानवी ने। यह गीत उन गीतों में से है जो सुनने वाले के दिल में उतर जाता है और लंबे समय तक उसकी संवेदनाओं में गूंजता रहता है।

किसी पत्थर की मूरत से – Kisi Patthar Ki Moorat Se Song Credits
- Movie/Album: हमराज़ (1967)
- Music : रवि
- Lyrics : साहिर लुधियानवी
- Singer : महेंद्र कपूर
किसी पत्थर की मूरत से – Kisi Patthar Ki Moorat Se Song Hindi Lyrics
किसी पत्थर की मूरत से मुहब्बत का इरादा है
परस्तिश की तमन्ना है, इबादत का इरादा है
जो दिल की धड़कनें समझे, ना आँखों की जुबां समझे
नज़र की गुफ्तगू समझे, ना जज़बों का बयां समझे
उसी के सामने उसकी शिकायत का इरादा है
किसी पत्थर की मूरत…
सुना है हर जवां पत्थर के दिल में आग होती है
मगर जब तक ना छेड़ो, शर्म के परदे में सोती है
ये सोचा है कि दिल की बात उसके रूबरू कह दे
नतीजा कुछ भी निकले आज अपनी आरजू कह दे
हर इक बेजां तक़ल्लुफ़ से बगावत का इरादा है
किसी पत्थर की मूरत…
मुहब्बत बेरुखी से और भड़केगी वो क्या जाने
तबीयत इस अदा पे और फड़केगी वो क्या जाने
वो क्या जाने की अपना किस क़यामत का इरादा है
किसी पत्थर की मूरत…
