कोई फरियाद – Koi Fariyad, Jagjit Singh, Tum Bin
“Koi Fariyad” केवल एक ग़ज़ल नहीं है, यह एक एहसास है – मोहब्बत, जुदाई और इंतज़ार का। जगजीत सिंह की आवाज़, फैज़ अनवर की शायरी और निखिल विनय की धुन – इन तीनों की जादूगरी से यह ग़ज़ल अमर हो गई है।

कोई फरियाद – Koi Fariyad Ghazal Credits
- Movie/Album: तुम बिन (2001)
- Music By: निखिल-विनय
- Lyrics : फैज़ अनवर
- Singer : जगजीत सिंह
कोई फरियाद – Koi Fariyad Ghazal Lyrics
कोई फ़रियाद तेरे दिल में दबी हो जैसे
तूने आँखों से कोई बात कही हो जैसे
जागते-जागते इक उम्र कटी हो जैसे
जान बाकी है मगर साँस रुकी हो जैसे
हर मुलाकात पे महसूस यही होता है
मुझसे कुछ तेरी नज़र पूछ रही हो जैसे
राह चलते हुए अक्सर ये गुमां होता है
वो नज़र छुप के मुझे देख रही हो जैसे
एक लम्हें में सिमट आया सदियों का सफ़र
ज़िन्दगी तेज़ बहुत तेज़ चली हो जैसे
इस तरह पहरों तुझे सोचता रहता हूँ मैं
मेरी हर साँस तेरे नाम लिखी हो जैसे
कोई फरियाद…
