मैं और मेरी आवारगी – Main Aur Meri Awargi, Kishore Kumar
“Main Aur Meri Awargi” गीत में किशोर कुमार की आवाज़ जैसे दिल की गहराइयों से निकली हो। उनकी गायकी में जो भावनात्मक गहराई है, वो इस गीत को न सिर्फ़ सुनने लायक बनाती है बल्कि महसूस करने लायक भी। किशोर कुमार का यह अंदाज़ कुछ ऐसा है जैसे कोई अकेला राही अपनी तन्हाई से बात कर रहा हो, बिना किसी दिखावे के, पूरी सच्चाई से।

मैं और मेरी आवारगी – Main Aur Meri Awargi Song Credits
- Movie/Album: दुनिया (1984)
- Music : आर.डी.बर्मन
- Lyrics : जावेद अख्तर
- Singer : किशोर कुमार
मैं और मेरी आवारगी – Main Aur Meri Awargi Song Lyrics in Hindi
फिरते हैं कब से दरबदर
अब इस नगर, अब उस नगर
एक दूसरे के हमसफ़र
मैं और मेरी आवारगी
ना आशना हर रहगुज़र
ना मेहरबाँ सबकी नज़र
जायें तो अब जायें किधर
मैं और मेरी आवारगी
इक दिन मिली एक महजबीं
तन भी हसीं, जां भी हसीं
दिल ने कहा हमसे वहीँ
ख़्वाबों की है मंजिल यहीं
फिर यूँ हुआ वो खो गयी
तू मुझको जिद सी हो गयी
लाएँगे उसको ढूँढकर
मैं और मेरी आवारगी…
ये दिल ही था जो सह गया
जो बात ऐसी कह गया
कहने को फिर क्या रह गया
अश्कों का दरिया बह गया
जब कहके वो दिलबर गया
तेरे लिये मैं मर गया
रोते हैं उसको रात भर
मैं और मेरी आवारगी…
हम भी कभी आबाद थे
ऐसे कहाँ बरबाद थे
बेफिक्र थे, आज़ाद थे
मसरूर थे, दिलशाद थे
वो चाल ऐसी चल गया
हम बुझ गये दिल जल गया
निकले जला के अपना घर
मैं और मेरी आवारगी…
