मैं ये सोच कर – Main Ye Soch Kar, Md.Rafi, Haqeeqat
“Main Ye Soch Kar” गीत एक शायराना यात्रा है, मोहब्बत, अकेलेपन और अधूरी उम्मीदों की यात्रा। मोहम्मद रफ़ी की आवाज़, मदन मोहन की संगीत रचना और कैफ़ी आज़मी की ग़ज़ल-सी शायरी, ये तीनों मिलकर इसे अमर बना देते हैं। यह गीत सुनने वालों को सोचने पर मजबूर करता है, और दिल में एक स्थायी असर छोड़ता है।

मैं ये सोच कर – Main Ye Soch Kar Song Credits
Movie/Album: हक़ीकत (1964)
Lyrics : मदन मोहन
Music : कैफ़ी आज़मी
Singer : मोहम्मद रफ़ी
मैं ये सोच कर – Main Ye Soch Kar Song Lyrics in Hindi
मैं ये सोचकर उसके दर से उठा था
के वो रोक लेगी, मना लेगी मुझको
हवाओं में लहराता आता था दामन
के दामन पकड़कर बिठा लेगी मुझको
कदम ऐसे अंदाज़ से उठ रहे थे
के आवाज़ देकर बुला लेगी मुझको
मगर उसने रोका, न उसने मनाया
न दामन ही पकड़ा, न मुझको बिठाया
न आवाज़ ही दी, न वापस बुलाया
मैं आहिस्ता-आहिस्ता बढ़ता ही आया
यहाँ तक के उससे जुदा हो गया मैं
जुदा हो गया मैं…
