मटक मटक नाचूँ रे – Matak Matak Nachoon Re, Aarti Mukherji, Do Phool
“Matak Matak Nachoon Re” सिर्फ़ एक गीत नहीं, बल्कि भारतीय लोक संगीत और नारी सौंदर्य का जश्न है। फ़िल्म दो फूल का यह गीत आज भी श्रोताओं के दिलों में ताज़ा है और हर बार सुनने पर वही ताजगी और आनंद देता है।

मटक मटक नाचूँ रे – Matak Matak Nachoon Re Song Credits
- Movie/Album: दो फूल (1958)
- Music : वसंत देसाई
- Lyrics : हसरत जयपुरी
- Singer : आरती मुखर्जी
मटक मटक नाचूँ रे – Matak Matak Nachoon Re Song Lyrics in Hindi
मटक-मटक नाचूँ रे
देखो मटक-मटक नाचूँ रे
मैं तो चीनी की हूँ गुड़िया
जादू की हूँ पुड़िया
मटक-मटक नाचूँ रे
मटक मटक…
जब मैं नाचूँ, दुनिया नाचे
देखे मेरा दिल
रुक जाये हाथी, रुक जाये मोटर
रुक जाये लम्बी रेल
हूँ मैं छोटी, पर सबसे खोटी
सबसे मेरा मेल
मैं तो चीनी की हूँ गुड़िया…
पानी में भी आग लगा दूँ
पत्थर को पिघला दूँ
मेरे दम से जग में छम छम
दीपक चाँद बनाऊँ
फिर भी कितनी नाज़ुक़ हूँ मैं
इ कैसे बतलाऊँ
मैं तो चीनी की हूँ गुड़िया…
नगरी-नगरी फिरती जाऊँ
बिजली मेरा नाम
हँसना गाना, दिल बहलाना
ये है मेरा काम
बच्चों बूढ़ों और जवानों
आई तुमरे गाँव
मैं तो चीनी की हूँ गुड़िया…
