मटकी आप चटक गई होयगी – Matki Aap Chtak Gai Hoygi, Ashok Krishna Thakur Ji
“Matki Aap Chtak Gai Hoygi” एक ऐसा भजन है, जो न केवल भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं की झलक दिखाता है, बल्कि उनके प्रति प्रेम और भक्ति को भी प्रकट करता है। अशोक कृष्ण ठाकुर जी की मधुर आवाज़ और पारंपरिक संगीत इस भजन को और भी खास बना देते हैं।

मटकी आप चटक गई होयगी – Matki Aap Chtak Gai Hoygi Bhajan Credits
- Song: Matki Aap Chatak Gayi Hoygi
- Singer: Ashok Krishna Thakur Ji
- Album: Shyam Ke Naina Bade
- Label: Yuki
मटकी आप चटक गई होयगी – Matki Aap Chtak Gai Hoygi Bhajan Lyrics
मटकी आप चटक गई होयगी
लालय देख मटक गई होयगी
मेरे लल्ला को दोष लगाइबे
बंसी पकड़ लटक गई होयगी
रोज सवेरे मेरा कन्हैया
गइया चराइवे जावे है
तू अलबेली नार नवेली
लालय जाए रिझाबे है
अरे पांव से पाओ अटक गई होयगी
यमुना की रेट रपट गई होयगी
मेरे लल्ला को दोष लगाए बे
बंसी पकड़ लटक गई होयगी
अरे धन माया की कमी नहीं है
तेरी अकल का टोटा है और
तुम तो हो रही ज्वान ढिंगरी
मेरा कन्हैया छोटा है
अरे माखन आप गटक गई होयगी
अरे कौर साफ सटक गई होयगी
मेरे लल्ला को दोष लगाए बे
बंसी पकड़ लटक गई होयगी
अरे बंसी सुननी तुम मोहन की
तुम मधुबन भी जाती हो
अरे दे दे कुल्चा लाल गाल करि
हंसती और हंसाती हो
बंसी की धुन पर मटक गई होयगी
लालय पकड़ मसक गई होयगी
मेरे लल्ला को दोस्त लगावे
बंसी पकड़ लटक गई होयगी
मटकी आप चटक गई होयगी
लालय देख मटक गई होएगी
मेरे लल्ला को दोष लगावे
बंसी पकड़ लटक गई होयगी
