मुझको इस रात की तनहाई – Mujhko Is Raat Ki Tanhai, Mukesh, Lata, Dil Bhi Tera Hum Bhi Tere
“Mujhko Is Raat Ki Tanhai” एक बेहद संवेदनशील और भावनात्मक गीत है, जो प्रेम में मिले ज़ख्मों और अकेलेपन की सच्चाई को बख़ूबी बयान करता है। यह गीत हर उस दिल की आवाज़ है, जिसे मोहब्बत ने छूकर कहीं न कहीं अधूरा छोड़ दिया है।

मुझको इस रात की तनहाई – Mujhko Is Raat Ki Tanhai Song Credits
- Movie/Album: दिल भी तेरा हम भी तेरे (1960)
- Music : कल्याणजी-आनंदजी
- Lyrics : शमीम जयपुरी
- Singers : मुकेश, लता मंगेशकर
मुझको इस रात की तनहाई – Mujhko Is Raat Ki Tanhai Song Lyrics in Hindi
मुझको इस रात की तनहाई में आवाज़ न दो
जिसकी आवाज़ रुला दे मुझे वो साज़ न दो
मुकेश
रौशनी हो न सकी दिल भी जलाया मैंने
तुमको भूला ही नहीं लाख भुलाया मैंने
मैं परेशां हूँ मुझे और परेशां न करो
आवाज़ न दो…
किस कदर जल्द किया मुझसे किनारा तुमने
कोई भटकेगा अकेला ये न सोचा तुमने
छुप गए हो तो मुझे याद ही आया न करो
आवाज़ न दो…
लता
मैंने अब तुमसे न मिलने की कसम खाई है
क्या खबर तुमको मेरी जान पे बन आई है
मैं बहक जाऊँ कसम खाके तुम ऐसा न करो
आवाज़ न दो…
दिल मेरा डूब गया आस मेरी टूट गई
मेरे हाथों ही से पतवार मेरी छूट गई
अब मैं तूफां में हूँ साहिल से इशारा न करो
आवाज़ न दो…
